प्रयागराज में गंगा-यमुना का रौद्र रूप शुरू : चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रहीं, कई गांवों-मुहल्लों में घुसा बाढ़ का पानी
प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जो चेतावनी बिंदु से मात्र एक मीटर नीचे ...और पढ़ें
HighLights
गंगा और यमुना चेतावनी बिंदु से सिर्फ एक मीटर नीचे हैं
24 घंटे में गंगा 1.06 मी. व यमुना का पानी 67 सेमी चढ़ा
बाढ़ से झूंसी के बदरा-सोनौटी गांवों में नाव लगा दी गई है
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। Prayagraj Flood जनपद में रौद्र रूप धारण कर चुकी गंगा और यमुना का जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है। दोनों नदियां चेतावनी बिंदु के एक मीटर नीचे है। रविवार सुबह आठ बजे से सोमवार सुबह आठ बजे तक 24 घंटे में गंगा का पानी 1.06 मीटर बढ़ा है। वहीं यमुना का जलस्तर इस अवधि में 67 सेमी चढ़ा है। सोमवार सुबह गंगा का जलस्तर 82.62 मीटर पर तो यमुना का 82.20 मीटर पर रिकॉर्ड किया गया।
यमुना का जलस्तर अभी और बढ़ेगा
मध्य प्रदेश, राजस्थान और बुंदेलखंड में हो रही तेज बारिश के चलते यमुना का जलस्तर अभी और बढ़ने की संभावना है। केन, बेतवा, चंबल, मंदाकिनी व शरभंग नदियों का पानी यमुना में आ रहा है। माताटीला, हथिनीकुंड बांधों का पानी यमुना में छोड़ा जा रहा है। वहीं उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वर्षा से गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है। कानपुर और हरिद्वार बैराज तथा नरौरा बांध से गंगा में पानी छोड़ा जा रहा है।

करछना-मेजा के 30 गांव पानी से घिरे
गंगा में बाढ़ से झूंसी के पास बदरा और सोनौटी गांवों में नाव लगा दी गई है। मध्य प्रदेश के रीवा और सतना में बारिश के कारण टोंस नदी उफान पर हैं। गंगा की सहायक नदी टोंस में बाढ़ के चलते प्रयागराज के करछना और मेजा तहसील के 30 गांव पानी से घिर गए हैं। चार गांवों में नावों से लोगों का आवागमन हो रहा है।
प्रशासन की क्या है व्यवस्था?
Prayagraj Flood एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने बताया कि बाढ़ राहत केंद्र को तैयार कर लिया गया है। गंगा और यमुना के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। तटीय क्षेत्रों में एनडीआरएफ और पीएसी बाढ़ राहत दल को तैनात कर दिया गया है।
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