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    प्रयागराज में जमींदोज कोल्ड स्टोरज का मलबा हटाने का काम बंद, क्यों वापस लौट गए नगर निगम के 28 वाहन?

    By rajendra yadav Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Thu, 26 Mar 2026 06:49 PM (IST)

    प्रयागराज के चंदापुर गांव में धराशायी कोल्ड स्टोरेज का मलबा हटाने का काम नगर निगम ने बंद कर दिया है। मलबे में दबे आलू सड़ने से दुर्गंध फैल रही है, जिस ...और पढ़ें

    प्रयागराज के चंदापुर में कोल्ड स्टोरेज में हादसा के तीसरे दिन मलबा हटाने का काम नगर निगम ने रोक दिया है। जागरण

    प्रयागराज के चंदापुर में कोल्ड स्टोरेज में हादसा के तीसरे दिन मलबा हटाने का काम नगर निगम ने रोक दिया है। जागरण 

    HighLights

    1. कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस रिसाव व बिल्डिंग ढहने से 4 श्रमिकों की हुई थी मौत, 17 घायल हुए थे 

    2. आलू सड़ने से दूर तक उठ रही दुर्गंध, ग्रामीणों का रहना दूभर, कहा- फैल सकती है संक्रामक बीमारी

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। गंगापार में मलाक हरहर के पास चंदापुर गांव में धराशायी कोल्ड स्टाेरेज के मलबे को हटाने का काम गुरुवार सुबह से बंद कर दिया गया। नगर निगम के सभी 28 वाहन वापस लौट गए। घटनास्थल पर सोरांव तहसील के कुछ अधिकारी, एसडीआरएफ के जवान और अग्निशमन दल की टीम ही मौजूद हैं।

    संक्रामक बीमारी फैलने की जताई आशंका 

    कोल्ड स्टोरेज के मलबे में दबे आलू से लगातार दुर्गंध उठ रही है। गुरुवार दोपहर दुर्गंध इतनी तेज हो गई है कि गांव के लोग परेशान हो गए। उनका कहना है कि जिस प्रकार से आलू सड़ने लगी है और एक-दो दिन में इसे नहीं हटाया गया तो लोग संक्रामक बीमारियों के चपेट में आ सकते हैं।

    पूर्व मंत्री के कोल्ड स्टोरेज में हुआ था हादसा 

    चंदापुर गांव निवासी पूर्व मंत्री अंसार अहमद का घर के पास ही आदर्श कोल्ड स्टोरेज था। सोमवार 23 मार्च की दोपहर में अमोनिया गैस के रिसाव से टैंक फट गया था। इससे कोल्ड स्टोरेज का एक बड़ा हिस्सा धराशायी हो गया था। इसमें चार मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि 17 घायल हुए थे। इसमें 14 की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

    नगर निगम के सभी वाहन वापस लौटे 

    घटना के दिन शाम से ही मलबा को हटाने का काम शुरू किया गया। इसमें नगर निगम के 11 बैकहो लोडर (जेसीबी) सात डंपर, आठ रोबोट और एक पोकलैंड लगे थे। कुल 28 वाहन लगाए गए थे। शाम से शुरू हुआ मलबा हटाने का काम गुरुवार सुबह करीब चार बजे तक चला। इसके बाद काम बंद कर दिया गया। नगर निगम के अधिकारियों ने चालकों से सभी वाहनों को वापस कार्यालय लाने को कहा।

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    आलू बोरियों को कौन-कब हटाएगा?

    घटनास्थल पर मौजूद नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन के अधिकारी के निर्देश के बाद काम बंद किया गया है। तीन दिन तक मलबा हटाकर देखा जा रहा था कि इसमें कोई मजदूर तो नहीं दबा, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि यहां कोई दबा नहीं है। अब जो मलबा बचा है, उसमें सिर्फ आलू भरी बोरियां हैं। उसे कब और कौन हटवाएगा, वह नहीं जानते।

    ग्रामीणों ने जताई चिंता 

    गांव के लोगों को जब मलबा हटाने में लगे वाहनों के वापस लौट जाने की जानकारी हुई तो वह चकित रह गए। वजह यह है कि मलबा में आलू भरी सैकड़ों बोरी दबी हुई है, जो सड़ने लगी है। उसकी दुर्गंध दूर तक फैल रही है। जिस तरफ हवा चलती है, उस तरफ रहने वाले लोगों का तो सांस लेना मुश्किल हो रहा है। गांव के मकसूद, दिलावर, मुन्ना का कहना है कि मलबे में दबे आलू अब तेजी से सड़ रहे हैं। दो दिन के भीतर अगर मलबा को यहां से नहीं हटाया गया तो लोगों का अपने घरों में रहना मुश्किल हो जाएगा।

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