अब घर बैठे बनेंगे Rent Agreement, सरकार ने शुरू की ऑनलाइन डिजिटल स्टांपिंग की सुविधा
स्टांप व पंजीयन विभाग ने किरायानामा और पट्टा विलेख के लिए पूरी तरह ऑनलाइन डिजिटल स्टांपिंग व्यवस्था शुरू की है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
अब ऑनलाइन पोर्टल से किरायानामा और पट्टा विलेख तैयार करें।
आधार सत्यापन, ऑनलाइन शुल्क भुगतान और ई-हस्ताक्षर से दस्तावेज प्राप्त करें।
एक वर्ष तक के किरायानामा के लिए कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। अब लोग किसी भी स्थान से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किरायानामा या पट्टा विलेख का प्रारूप तैयार कर सकेंगे। दोनों पक्षों के आधार आधारित सत्यापन के बाद निर्धारित स्टांप शुल्क का ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा।
इसके बाद ई-हस्ताक्षर के माध्यम से दस्तावेज का निष्पादन कर डिजिटल स्टांपयुक्त विलेख प्राप्त किया जा सकेगा। यह दस्तावेज आवेदक के पंजीकृत लागिन व ई-मेल पर भी उपलब्ध रहेगा।
एक वर्ष तक की अवधि के किरायानामा व पट्टा विलेख के लिए लोगों को स्टांपिंग कराने के लिए उप निबंधक कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। स्टांप व पंजीयन विभाग ने इसके लिए पूरी तरह ऑनलाइन डिजिटल स्टांपिंग व्यवस्था शुरू कर दी है। महानिरीक्षक निबंधन ने प्रदेश के सभी जिलों के उप निबंधक कार्यालयों को इस सुविधा की शुरुआत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नहीं लगाने पड़ेंगे तहसीलों के चक्कर
इस व्यवस्था को लागू कर दिया गया है। अब तक किरायानामा व पट्टा विलेखों की स्टांपिंग में लोगों को सही स्टांप शुल्क की जानकारी न होने व प्रक्रिया की जटिलता के कारण दिक्कत होती थी। अपर्याप्त स्टांपिंग के कारण दस्तावेज न्यायालय व अन्य सक्षम प्राधिकारी के समक्ष साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं हो पाते थे।
तहसील में प्रक्रिया पूरी होती थी। डिजिटल व्यवस्था से दस्तावेजों का सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक संरक्षण, ऑनलाइन सत्यापन, ई-साइन प्रमाणीकरण होगा। एआईजी स्टांप राकेश चंद्रा ने बताया कि यह व्यवस्था लागू हो गई है। इसके तहत लोगों को किरायानामा के लिए तहसीलों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।