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    नाप-तौल की गड़बड़ी में सबसे आगे प्रयागराज, प्रतापगढ़ तीसरे पायदान पर; कौशांबी में सबसे कम पकड़े गए मामले

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 09 Aug 2026 01:30 PM (IST)

    प्रयागराज मंडल में नाप-तौल की गड़बड़ियों में प्रयागराज सबसे आगे है, जबकि कौशांबी में सबसे कम मामले मिले। विधिक माप विज्ञान विभाग ने चार माह में 383 व् ...और पढ़ें

    नाप-तौल में धोखाधड़ी में प्रयागराज मंडल में व्यापारियों पर बड़ी कार्रवाई, करोड़ों जुर्माना वसूला गया।

    नाप-तौल में धोखाधड़ी में प्रयागराज मंडल में व्यापारियों पर बड़ी कार्रवाई, करोड़ों जुर्माना वसूला गया।

    HighLights

    1. विधिक माप विज्ञान विभाग ने चार माह में वसूले 19.63 लाख रुपये

    2. प्रयागराज मंडल के चार जनपदों में फतेहपुर गड़बड़ी में दूसरे नंबर पर

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। मंडल के चार जनपदों में प्रयागराज जितना बड़ा जिला है, नाप-तौल की गड़बड़ियां भी यहां उतनी ही अधिक हो रही हैं। विधिक माप विज्ञान विभाग की जांच में सबसे अधिक मामले यहीं पर मिले। फतेहपुर दूसरे तो प्रतापगढ़ तीसरे पायदान पर है। खामियों के सबसे कम मामलों के साथ कौशांबी चौथे स्थान पर है। बीते चार महीने के अंदर महकमे ने इन चारों जनपदों के 383 व्यापारियों से जुर्माने के रूप में 19.63 लाख रुपये का राजस्व वसूला है।

    विधिक माप विज्ञान विभाग की ओर से व्यापारिक प्रतिष्ठानों में प्रयोग किए जाने वाले तराजू की जांच के अलावा खुले में बिकने वाले उत्पादों की तौल, पैकिंग वाले उत्पादों के पैकेट में एमआरपी आदि ब्योरा दर्ज करने के मानकों की पड़ताल की जाती है। नियमों की अनदेखी पर संबंधित व्यापारी या उद्यमी के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई होती है।

    विभाग के सहायक नियंत्रक अरविंद कुमार यादव ने बताया कि अप्रैल से लेकर जुलाई तक समय-समय पर चारों जिलों में प्रतिष्ठानों की जांच का अभियान चला। इसमें 498 प्रतिष्ठानों में तमाम कमियां पकड़ी गईं। मिठाई के तौल में घटतौली के मामले सबसे अधिक थे। बेकरी, अनाज और किराना की दुकानों में भी कमियां पाईं गईं। कई जगह एलपीजी सिलिंडर में गैस कम मिली।

    इसी तरह की गड़बड़ी पर प्रयागराज में 178 व्यापारियों से 11.70 लाख, कौशांबी में 56 व्यापारियों से 1.65 लाख, फतेहपुर में 76 व्यापारियों से 4.08 लाख और प्रतापगढ़ में 73 व्यापारियों से 2.30 लाख रुपये का जुर्माना जमा कराया जा चुका है। शेष 115 मामले ऐसे हैं, जिनमें अभी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। सहायक नियंत्रक ने बताया कि सभी जिलों में तैनात वरिष्ठ निरीक्षकों को नियमित छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इस तरह की कार्रवाईयां जारी रहेंगी।

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