प्लाटिंग करने वाले होंगे चिह्नित, बैंक खातों का सत्यापन, जमीन खरीद-फरोख्त करने वालों की जांच ED करेगी, दर्ज होगा केस
प्रयागराज में अवैध प्लाटिंग करने वाले भूमाफिया पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कसा है। ईडी जमीन खरीद-फरोख्त की जांच करेगी और बैंक खातों का सत्यापन होगा, जिस ...और पढ़ें

प्रयागराज में भूमाफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
HighLights
मनी ट्रेल ट्रेस करने को प्रशासन की 'स्पेशल-11' टीम ने शुरू कर दी कार्रवाई
प्रयागराज शहर पश्चिमी, नैनी, झूंसी व फाफामऊ क्षेत्र में चिह्नित हुए माफिया
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर तथा आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से प्लाटिंग करने वाले भूमाफिया पर जिला प्रशासन की ओर से शिकंजा कसा जाने लगा है। शहर पश्चिमी, नैनी, झूंसी, फाफामऊ क्षेत्र में तथा मेजा के कोहड़ार घाट के पास, शंकरगढ़ के आसपास, रीवा मार्ग पर, मीरजापुर मार्ग, हनुमानगंज व सहसों क्षेत्र में प्लाटिंग करने वाले भूमाफिया चिन्हित किए जाएंगे। इनके बैंक खाते अब खंगाले जाएंगे। इनकी सूची तैयार कराई जा रही है, जो अवैध रूप से जमीन की खरीद-फरोख्त तथा प्लाटिंग के कारोबार में संलिप्त हैं।
जिला प्रशासन ने 'स्पेशल-11' टीम गठित की
जिला प्रशासन की ओर से इन भूमाफिया की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराई जाएगी। इसके लिए पत्राचार शुरू हो गया है। ईडी की जांच में हर बिंदु को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही जिला प्रशासन की ओर से 'स्पेशल-11' की टीम भी गठित कर दी गई है। मनी ट्रेल को ट्रेस करने के लिए प्रशासन की इस टीम ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
खास-खास
- 500 करोड़ रुपये से ज्यादा के इनकम टैक्स व स्टांप की चोरी की आशंका
- 5000 करोड़ रुपये काला धन जमीन के इस धंधे में निवेश करने का संदेह
प्रशासन की टीम में ये अधिकारी होंगे
टीम में संबंधित एसडीएम, तहसीलदार, एसीपी, थाना प्रभारी, उप निबंधक, पीडीए व नगर निगम के जोनल अधिकारी, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन, जलकल अफसर, एक्सईएन विद्युत विभाग तथा आयकर अधिकारी शामिल हैं। जांच टीम की निगरानी दो एडीएम, तीन डीसीपी, पीडीए सचिव, एआइजी स्टांप करेंगे। प्रशासन को आशंका है कि शहर पश्चिमी के साथ नैनी, झूंसी व फाफामऊ क्षेत्रों में लगभग पांच हजार करोड़ रुपये काला धन जमीन के धंधे में निवेश किया गया है।
भूमाफिया पर कसेगा शिकंजा
प्रशासन को संदेह है कि धंधे में शामिल भूमाफिया ने 500 करोड़ रुपये से ज्यादा आयकर के साथ स्टांप की चोरी की है। चिह्नित माफिया के बैंक खातों से लेकर उनके कार्यालयों तथा वहां के स्टाफ की जांच शुरू कराई जाएगी। खातों से लेनदेन से लेकर माफिया के पास किन चैनलों व रूट से पैसे आए, जमीन के कारोबार में किन लोगों के पैसे लगे हैं, इसकी विस्तृत जांच होगी। प्लाटिंग वाले साइट के साथ किन किसानों की जमीन कितने रुपये में खरीदी गई है और कितने में बेची गई है, इसकी भी पड़ताल होगी।
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किसानों से कम दाम पर सौदा, महंगे में जमीन बिक्री
किसानों से कम दाम में जमीन का सौदा तय करने के बाद उन्हें सिर्फ एडवांस देकर रजिस्ट्री कराने वाले भूमाफिया की अब खैर नहीं होगी। प्रशासन और पुलिस की ओर से विशेष टीम लगाई गई है। दरअसल, भूमाफिया व प्लाटिंग करने वाले किसानों से जमीन का सौदा कर लेते हैं और वे कुछ पैसे एडवांस के रूप में किसान को देते हैं। फिर जब रजिस्ट्री होती है तब किसान को पैसे देते हैं जबकि क्रेता से ज्यादा पैसे लिए जाते हैं। इससे क्रेता और विक्रेता दोनों को नुकसान होता है, जबकि भूमाफिया व प्लाटिंग करने वालों को काफी फायदा हो रहा है। अब ऐसे भूमाफिया व प्लाटिंग करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
अवैध रूप से प्लाटिंग करने वालों को चिन्हित कर उनके बैंक खातों को खंगालने से लेकर किस व्यक्ति से कितनी जमीन ली, कितनी बेची और उससे क्या लाभ हुआ तथा उसका टैक्स जमा किया या नहीं, की जांच कराई जाएगी। इसके लिए स्पेशल टीम को जांच के लिए लगा दिया गया है। ईडी से भी जांच के लिए पत्राचार हुआ है।
- मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी प्रयागराज।