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    Prayagraj Flood Alert : गंगा में आ रहा 'जलजला', कानपुर बैराज से छोड़ा गया 1 लाख क्यूसेक पानी आज पहुंचेगा, बढ़ाएगा परेशानी

    By Gyanendra Singh Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Tue, 28 Jul 2026 03:19 PM (IST)

    Prayagraj Flood Alert उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में बारिश के कारण प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, कानपुर बैराज से छोड़ा गया ...और पढ़ें

    HighLights

    1. तेजी से गंगा का जलस्तर बढ़ने की संभावना, यमुना में आ रहा केन नदी का जल

    2. डीएम एवं नगर आयुक्त ने नदी के तटीय इलाकों का किया दौरा, आवश्यक निर्देश

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। Prayagraj Flood Alert उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हो रही बारिश के चलते गंगा का जल स्तर बढ़ने लगा है। विशेषतौर पर कानपुर बैराज से 26 जुलाई की अपेक्षा 27 जुलाई को लगभग दोगुना डिस्चार्ज किया गया है। इस बैराज से 25 जुलाई को 42 हजार क्यूसेक तो 26 जुलाई को 64 हजार और 27 की सुबह से एक लाख सात हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाना लगा। आज इस पानी के प्रयागराज में आने की संभावना है, तब जलस्तर और बढ़ सकता है। इसके मद्देनजर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा तथा एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह के साथ तटीय इलाकों का भ्रमण किया।

    बस्तियों में घुसने लगा गंगा का पानी 

    Prayagraj Flood Alert गंगा का जलस्तर 27 जुलाई की सुबह 77.53 और शाम को 77.61 मीटर पहुंच गया। सोरांव के कई गांवों, फाफामऊ के तटीय मोहल्लों, फूलपुर, करछना, मेजा, हंडिया तहसील के कई गांवों के नालों से गंगा का जल मजरों में बैक व कुछ बस्तियों में घुसने लगा है। यमुना का जलस्तर 27 जुलाई की सुबह 74.57 तो शाम को 74.59 मीटर पहुंच गया था।

    जलस्तर 27 जुलाई की रात आठ बजे

    - गंगा का जलस्तर फाफामऊ में- 77.61 मीटर

    - यमुना का जलस्तर नैनी में- 74.59 मीटर

    - गंगा-यमुना का जलस्तर छतनाग में- 74.22 मीटर

    - प्रयागराज में खतरे का निशान- 84.73 मीटर

    केन व बेतवा नदियों का पानी यमुना में मिल रहा

    यमुना में मप्र की केन व बेतवा नदियों का पानी आ रहा है। टोंस 27 जुलाई से बढ़ने लगी है। सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के एक्सईएन डीएन शुक्ला का कहना है कि तीनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है। डीएम ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों छोटा बघाड़ा, दारागंज, गंगानगर का भ्रमण कर लोगों से कहा कि जब जलस्तर बढ़ने लगे तो बाढ़ आने का इंतजार न करें, पहले से बाढ़ राहत शिविर में चले जाएं।

    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को लेकर डीएम का निर्देश 

    Prayagraj Flood Alert डीएम ने एडीएम व एसडीएम को बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में कंट्रोल रूम, लेखपाल व अन्य विभागों के अधिकारियों के मोबाइल नंबर बोर्ड पर लगवाने को कहा। बघाड़ा में पूर्व वर्षों में बनने वाले बाढ़ राहत शिविर एनी बेसेंट गर्ल्स इंटर कालेज के स्थान पर होली ट्रिंटी स्कूल शिविर बनाया गया है। डीएम ने चौपाल के माध्यम से शिविर की जानकारी देने के निर्देश दिए। शिविरों में भोजन, पानी, सफाई, शौचालय, मेडिकल सुविधा पहले से व्यवस्था कराने को कहा।

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