गंगा-यमुना में आ रहा 9 लाख क्यूसेक पानी प्रयागराज में बढ़ाएगा परेशानी, गांवों व शहर के मुहल्लों में घुसने लगा बाढ़ का पानी
प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। 9 ...और पढ़ें

गंगा और यमुना का जलस्तर बांध स्थित बड़े हनुमानजी मंदिर परिसर के मुख्य द्वार तक पहुंचा। जागरण
HighLights
बारिश के पानी से दोनों नदियों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न, बेलन नदी में फिर उफान की संभावना
करछना, मेजा, बारा व फूलपुर के गांवों के साथ शहर के कई मोहल्लों में घुसने लगा है बाढ़ का पानी
दोनों नदियों का पानी एक मीटर और बढ़ा तो दो दर्जन गांवों का टूट जाएगा संपर्क, सतर्कता के निर्देश
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। गंगा और यमुना में आ रहे नौ लाख क्यूसेक पानी से बाढ़ के हालात उत्पन्न हो सकते हैं। बारिश होने पर दोनों नदियों का जल स्तर तेजी बढ़ने की संभावना है। इससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। जिला प्रशासन की ओर से अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
81 मी. के ऊपर होने पर कई मुहल्लों में पानी घुसता है
वहीं बाढ़ शरणालयों की तैयारियां तेज हो गई हैं। गंगा और यमुना का जलस्तर 81 मीटर के ऊपर होने पर कई मोहल्लों के घरों में पानी घुस जाता है, जिससे लोगों को आश्रय स्थल में शरण लेना पड़ता है। जल स्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो बड़े हनुमानजी का महास्नान हो सकता है। वैसे गुरुवार शाम को मंदिर की चहारदीवारी तक पानी पहुंच गया था।
20 अगस्त की रात तक जलस्तर
- गंगा का जलस्तर- 80.62 मीटर
-यमुना का जलस्तर- 80.03 मीटर
- छतनाग में गंगा-यमुना का जलस्तर- 79.65 मीटर
- खतरे का निशान -84.73 मीटर
21 अगस्त की दोपहर दो बजे तक जलस्तर
गंगा का फाफामऊ में जलस्तर- 80.77 मीटर
छतनाग में दोनों नदियों का जलस्तर- 80.03 मीटर
यमुना का नैनी में जलस्तर- 80.42 मीटर
खतरे का निशान- 84.73 मीटर

बाढ़ की पूरी संभावना
गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी की गति 20 अगस्त दोपहर बाद से कुछ धीमी फिर बढ़ गई है। 19 अगस्त की सुबह से 20 अगस्त की रात तक गंगा 29 सेमी तो यमुना 37 सेमी बढ़ी हैं। बाढ़ की संभावना से जिला प्रशासन इन्कार नहीं कर रहा है। इसकी वजह यह है कि मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बुंदेलखंड व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

यमुना में इन नदियों से व गंगा में बैराज से पानी आ रहा
ज्यादा बारिश होने पर गंगा, यमुना के साथ ही केन, बेतवा, चंबल, टोंस, बेलन, टुड़ियारी, गोरमा, सिवटी, लपरी नदियों का जलस्तर बढ़ेगा। केन-बेतवा, चंबल नदियों का पानी यमुना में आ रहा है। बांदा में केन तो हमीरपुर में बेतवा बढ़ रही हैं। यमुना के चिल्ला घट पर जलस्तर बढ़ा है। हमीरपुर में भी यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। यमुना में चंबल नदी का भी पानी आ रहा है। इस नदी में हथिनीकुंड तथा माताटीला बैराज से लगभग चार लाख क्यूसेक पानी आ रहा है। वहीं गंगा में कानपुर बैराज से 3.01 लाख क्यूसेक तो नरौरा बांध तथा हरिद्वार बैराज से दो लाक क्यूसेक पानी छोड़ा रहा है।

खास-खास
- 80 मीटर पार गया यमुना का जलस्तर, गंगा पहले ही यह ऊंचाई कर चुकी हैं पार
- गंगा और यमुना का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ा तो बड़े हनुमानजी का महास्नान होगा
नालों से बाढ़ का पानी मुहल्लों तथा गांवों में घुस रहा
सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता डीएन शुक्ला का कहना है कि वर्षा होने पर बांधों और बैराजों से ज्यादा पानी छोड़ा जा सकता है। इससे शहर तथा आसपास के क्षेत्रों बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नालों से बाढ़ का पानी मुहल्लों तथा गांवों में घुसने लगा है। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने बताया कि बाढ़ के दृष्टिगत लगभग सभी प्रबंध कर लिए गए हैं। बाढ़ शरणालयों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पानी ज्यादा बढ़ने पर इन्हें संचालित कर दिया जाएगा।
