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प्रयागराज में गंगा-यमुना खतरे के निशान की तरफ तेजी से बढ़ रहीं, गंगा में समाया दो किमी गंगा पथ; सड़क पर जल रहीं चिताएं

By Gyanendra Singh Edited By: Brijesh Srivastava
Updated: Sat, 22 Aug 2026 01:30 PM (IST)

प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर तेजी से खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है, जिससे दो किमी गंगा पथ ...और पढ़ें

HighLights

  1. संगम नगरी में गंगा और यमुना के लिए खतरे का निशान 84.734 मीटर पर है

  2. डेढ़ से दो सेंटीमीटर की प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा दोनों नदियों में पानी

  3. पिछले 24 घंटे में गंगा का 38 तो यमुना का जलस्तर 37 सेंटीमीटर बढ़ गया है

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। संगम नगरी में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से खतरे के निशान की तरफ बढ़ रहा है। यहां खतरे का निशान 84.734 मीटर पर है। गंगा का जलस्तर आज शनिवार की सुबह 81.11 मीटर तक पहुंच गया, वहीं यमुना नदी भी 80.69 मीटर पर बह रही हैं।

बैराज-बांधों व छोटी नदियों का पानी बढ़ा रहा संकट 

पिछले 24 घंटे के अंदर प्रयागराज में गंगा में 38 सेंटीमीटर और यमुना में 37 सेंटीमीटर पानी बढ़ गया है। उधर समस्या अभी खत्म नहीं हुई है। कानपुर और हरिद्वार बैराज तथा नरौरा एवं माताटीला बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है, जो गंगा में मिल रहा है। इसी प्रकार केन, बेतवा, चंबल, टोंस नदियों का पानी यमुना का जलस्तर बढ़ाने के लिए आ रहा है।

Prayagraj Ganga Yamuna flood

नागवासुकि मंदिर का गंगापथ पर आवागम ठप 

नदियों में जल प्रवाह पूरी रफ्तार पकड़े हुए है। 21 अगस्त की रात में गंगा का जलस्तर 80.87 तो यमुना का 80.59 मीटर तक पहुंच गया था। शहर में गंगा पथ की करीब दो किमी सड़क गंगा में समा गई है। वहीं नागवासुकि मंदिर का गंगापथ की तरफ से आवागमन भी ठप हो गया है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण दारागंज में अन्त्येष्टि की समस्या खड़ी हो गई है। अब स्थिति यह है कि लोगों को सड़क पर अन्त्येष्टि करनी पड़ रही है।

Prayagraj Ganga Yamuna rising water

गंगा-यमुना का जलस्तर 

गंगा और यमुना दोनों ही नदियां उफान पर हैं। 20 अगस्त की रात फाफामऊ में गंगा 80.62 मीटर पर बह रहीं थीं। वहीं छतनाग में जलस्तर 80.17 मीटर था। 24 घंटे के अंदर फाफामऊ में 25 तो छतनाग में 52 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ गया। वहीं 21 अगस्त की शाम फाफामऊ में 80.87 और छतनाग में गंगा 80.17 मीटर पहुंच गईं। सबसे अधिक 56 सेंटीमीटर जलस्तर यमुना में बढ़ा है। बाढ़ कंट्रोल रूम के आंकड़े बताते हैं कि गुरुवार को नैनी में यमुना का जलस्तर 80.03 मीटर था। जबकि 21 अगस्त की रात यहां जलस्तर 80.59 दर्ज किया गया।

Prayagraj Ganga Path during Ganga Yamuna rising water

शहर के तटीय इलााकों में बाढ़ का संकट

शहर के तटीय इलाकों में बाढ़ का संकट तेजी से आजादी की तरफ बढ़ रहा है। गंगा पथ का कुछ हिस्सा पहले ही गंगा के पानी की चपेट में आ गया था। बीती रात सादियाबाद से लेकर नागवासुकि मंदिर तक लगभग दो किमी गंगा पथ गंगा में ही समा गया। गंगापथ की तरफ नागवासुकि मंदिर बाढ़ के पानी से घिर गया है। इसकी वजह से गंगापथ की तरफ से मंदिर में प्रवेश का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। दारागंज की तरफ से आना-जाना हो रहा है।

Prayagraj Ganga Yamuna rising water Rising last rites performed on road

दारागंज में सड़क पर जल रही चिताएं

दारागंज घाट पर रोजाना बड़ी संख्या में शवों को लोग अन्त्येष्टि के लिए लाते हैं। पहले यहां अन्त्येष्टि गंगा की पवित्र रेत पर होती थी। जैसे-जैसे पानी बढ़ा, वैसे-वैसे लोगों सड़क की तरफ बढ़ने लगे। अब हाल यह है कि पूरा घाट पानी में डूब गया है। सड़क पर चिताएं लग रहीं हैं। उधर, बंधवा में गंगा का पानी बड़े हनुमान मंदिर के कारिडोर पर भी तेजी से चढ़ रहा है।

बाढ़ के मद्देनजर डीएम को दिया प्रार्थनापत्र

झूंसी के बदरा-सोनौटी के लोगों ने डीएम से मिलकर प्रार्थना पत्र दिया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य धनपत्ती देवी ने बताया कि बाढ़ आने पर बदरा सोनौटी गांव में बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। इससे करीब 15-20 दिनों तक लोगों को अंधेरे में रहना पड़ता है। विषैले जंतुओं का खतरा बना रहता है। बाढ़ आने पर बिजली के पोलों पर 11 हजार केवीए का बंच केबल लगवा दिया जाए तो ग्रामीणों को राहत मिल सकती है। इस मौके पर रामप्रताप यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।

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