विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

प्रयागराज में मंद पड़ी गंगा की रफ्तार और यमुना स्थिर, बाढ़ का खतरा अभी बरकरार; लेटे हनुमान मंदिर के निकट पहुंचा पानी

By Gyanendra Singh Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 23 Aug 2026 02:01 PM (IST)

प्रयागराज में गंगा की रफ्तार धीमी हुई और यमुना का जलस्तर स्थिर है, लेकिन बारिश और बांधों से पानी छोड़े ...और पढ़ें

प्रयागराज में कर्जन पुल से रसूलाबाद इलाके में गंगा का जलस्तर। जागरण

प्रयागराज में कर्जन पुल से रसूलाबाद इलाके में गंगा का जलस्तर। जागरण

HighLights

  1. वर्षा होने से बढ़ सकता है दोनों नदियों का जलस्तर, बांधों-बैराजों से अब भी छोड़ा जा रहा पानी

  2. केन, बेतवा के साथ चंबल और टोंस समेत अन्य पहाड़ी नदियों का भी घटने लगा है जलस्तर

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। बाढ़ को लेकर कुछ राहत की खबर है। पिछले एक हफ्ते से बढ़ रहीं गंगा की रफ्तार 22 अगस्त की रात से मंद पड़ गई। वहीं यमुना का जलस्तर स्थिर हो गया है। केन, बेतवा, चंबल और टोंस समेत अन्य पहाड़ी नदियां घटने लगी हैं।

बारिश हुई तो बाढ़ का खतरा होगा

केन, बेतवा और चंबल से यमुना में बाढ़ आती है तो टोंस के उफनाने से गंगा की धारा प्रभावित होती है, जिससे शहर में गंगा का पानी चढ़ता है। गंगा की रफ्तार कम होने और यमुना के स्थिर होने के बाद भी बाढ़ का खतरा बरकरार है। वर्षा होने पर दोनों नदियों के फिर से उफनाने की संभावना है।

Prayagraj Ganga water near Hanuman Mandir

22 अगस्त की रात तक गंगा-यमुना का जलस्तर

गंगा का जलस्तर- 81.21 मीटर
यमुना का जलस्तर- 80.84 मीटर
छतनाग में दोनों का जलस्तर- 80.43 मीटर
खतरे का निशान- 84.73 मीटर

23 अगस्त की सुबह आठ बजे गंगा-यमुना का जलस्तर

यमुना का जलस्तर

नैनी में- 80.63 मीटर (-06)

गंगा का जलस्तर

फाफामऊ में 81.27 मीटर (+16)
छतनाग में 80.30 मीटर (-04)
एसटीपी बक्शी बांध में 80.77 मीटर (-11)

बाढ़ कंट्रोल रूम का नंबर

0532-2641577

0532-2641578

बीती रात से यमुना स्थिर  

जनपद में 21 अगस्त की सुबह आठ बजे से 22 अगस्त की रात आठ बजे तक 36 घंटे में गंगा का जलस्तर 42 सेमी तो यमुना का 48 सेमी बढ़ा। रात में यमुना स्थिर हो गईं तो गंगा चार घंटे में दो सेमी बढ़ सकीं। बांदा के चिल्ला में केन का जल स्तर 30 सेमी घटकर 98.70 मीटर हो गया। चिल्ला में यमुना आठ सेमी घटकर 91.20 मीटर पर आ गईं। हमीरपुर में यमुना और बेतवा मामूली घटी हैं। चंबल का जलस्तर पिनहट में आधा मीटर कम हुआ। टोंस का जल स्तर कोहड़ार घाट में 22 अगस्त की सुबह 83.80 मीटर रहा तो शाम को 83.04 मीटर हो गया।

9 लाख क्यूसेक पानी बांधों-बैराजों से गंगा में आ रहा

कानपुर बैराज से अब 3.10 लाख क्यूसेक, हरिद्वार बैराज से 91 हजार, नरौरा बांध एक लाख 35 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। माताटीला से 1.65 लाख क्यूसेक, हथिनीकुंड बांध से ढाई लाख क्यूसेक पानी आ रहा है। बांधों-बैराजों से दो दिन पहले तक 22 अगस्त की अपेक्षा दोगुना जल छोड़ा जा रहा था। कुल लगभग नौ लाख क्यूसेक पानी बांधों-बैराजों से अब आ रहा है।

50 सेमी पानी बढ़ा तो बड़े हनुमानजी का महास्नान होगा

सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता डीएन शुक्ला ने बताया कि वर्षा होने पर फौरन ज्यादा पानी छोड़ा जाने लगेगा। गंगा-यमुना का पानी 22 अगस्त की रात लेटे हनुमान मंदिर की चहारदीवारी के गेट तक पहुंच गया था। लगभग 50 सेमी पानी और बढ़ेगा तो बड़े हनुमानजी का महास्नान होगा।

बाढ़ शरणालयों को तैयार कर दिया गया है

बाढ़ की संभावना के मद्देनजर जिला प्रशासन भी सतर्क है। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने बताया कि बाढ़ शरणालयों को तैयार कर दिया गया है। वहीं अस्थायी बाढ़ चौकियों पर स्टाफ की तैनाती कर दी गई है।

यह भी पढ़ें- Prayagraj Flood : बेलन नदी के बाढ़ से भारी तबाही, पुलों के टूटने से UP-MP के कई गांवों का संपर्क टूटा

यह भी पढ़ें- मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज के नगर आयुक्त से पूछा- कैसे हो गया शहर में जलभराव, जलनिकासी की व्यवस्थाएं कहां गईं?