प्रयागराज हनुमान मंदिर चढ़ावा घोटाला : अनियमितता की जांच के लिए SIT गठित, दो सप्ताह में देगी रिपोर्ट
प्रयागराज के सिविल लाइंस हनुमान मंदिर में चढ़ावा राशि में अनियमितता की जांच के लिए सीडीओ ने तीन पीसीएस अधिकारियों की एसआईटी गठित की है। दो सप्ताह में ...और पढ़ें

प्रयागराज में सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर। जागरण आर्काइव
HighLights
सिविल लाइंस हनुमान मंदिर प्रकरण में डीएम ने सीडीओ को सौंपी है जांच कराने की जिम्मेदारी
सीडीओ ने अपर नगर आयुक्त, सिटी मजिस्ट्रेट व एसीएम तृतीय को शामिल किया जांच कमेटी में
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। सिविल लाइंस स्थित श्रीहनुमत निकेतन मंदिर में चढ़ावा की धनराशि में अनियमितता के आरोपों की जांच के लिए सीडीओ हर्षिका सिंह ने तीन पीसीएस अफसरों की विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित किया है। जांच कमेटी में अपर नगर आयुक्त, सिटी मजिस्ट्रेट एवं एसीएम तृतीय शामिल किए गए हैं। कमेटी को दो हफ्ते में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच की निगरानी सीडीओ करेंगी
चढ़ावा की धनराशि में अनियमितता की शिकायत डीएम से की गई थी। डीएम ने सीडीओ को जांच कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। एसआइटी की जांच की निगरानी सीडीओ करेंगी। मंदिर में कुछ वर्ष पहले चढ़ावा धनराशि, दुकानों व अन्य भवनों के किराया की राशि तथा आय को लेकर विवाद शुरू होने पर दर्शनार्थी पक्ष के लोग न्यायालय की शरण में गए थे।
कोर्ट ने डीएम को मंदिर का रिसीवर नियुक्त किया था
अदालत ने जिलाधिकारी को मंदिर का रिसीवर नियुक्त किया था, जिसके बाद एडीएम आपूर्ति विजय कुमार शर्मा को रिसीवर की जिम्मेदारी सौंपी गई। रिसीवर बैठाए जाने के बाद मंदिर प्रबंधन तथा ट्रस्ट के सदस्यों के अधिकार पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। दर्शनार्थी पक्ष के अधिवक्ता एसके दुबे व शिवगोपाल का आरोप है कि इसके बाद भी प्रबंधन से जुड़े लोगों के ही कब्जे में मंदिर है।
दानपात्र की धनराशि में गड़बड़ी का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि रिसीवर नियुक्त होने के बाद भी मंदिर में अनेक अनैतिक कार्य हो रहे हैं। अधिवक्ता ने नोटरी हलफनामा देते हुए आरोप लगाया कि पुराने दानपात्रों की चाबी तक रिसीवर नहीं ले सके हैं, जिससे उसमें रखी धनराशि में गड़बड़ी की जा रही है। कहा कि नए दानपात्रों के धनराशि की गिनती ट्रस्टियों व दर्शनार्थी पक्ष के सामने नहीं कराई जा रही है, जिससे गड़बड़ी की आशंका है। आरोप लगाया कि पुराने 18 दानपात्रों से चढ़ावा की राशि निकाली गई है।