माफिया अतीक अहमद के फाइनेंसर समेत छह गुर्गे भूमाफिया घोषित, सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले शासन के निशाने पर
प्रयागराज के एसडीएम सदर ने माफिया अतीक अहमद के फाइनेंसर मो. मुस्लिम समेत छह गुर्गों को भूमाफिया घोषित कियाहै। इन सभी पर सरकारी जमीनों पर कब्जा करने और ...और पढ़ें

प्रयागराज प्रशासन ने माफिया अतीक अहमद के छह गुर्गाें को भूमाफिया घोषित किया है।
HighLights
प्रयागराज के एसडीएम सदर ने की सख्त कार्रवाई
सूची बनाकर जिला स्तरीय कमेटी को भेजा गया
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। माफिया अतीक अहमद के फाइनेंसर मो. मुस्लिम समेत उसके छह गुर्गों को भू-माफिया घोषित कर दिया गया है। इनमें से किसी पर तीन तो किसी 19-19 मुकदमे दर्ज हैं। इन मुकदमों में अपराधिक वारदातों के साथ सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के मामले भी शामिल हैं।
अतीक के गुर्गों पर प्रशासन का शिकंजा कसा
सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले शासन के निशाने पर है। माफिया अतीक अहमद व उसका गैंग भी इस गोरखधंधे में पूरी तरह से लिप्त था। माफिया की मौत के बाद अब प्रशासन उसके गुर्गों पर शिकंजा कस रहा है। इसी क्रम में एसडीएम सदर अभिषेक सिंह की ओर से एक ठोस कार्रवाई की गई है। अतीक गैंग से जुड़े छह लोगों को तहसील प्रशासन ने भूमाफिया घोषित कर दिया है।
ये हैं घोषित भूमाफिया
घोषित किए गए भूमाफिया में अतीक अहमद का फाइनेंसर कहा जाने वाला चकिया निवासी मो. मुस्लिम भी शामिल है। इसके अलावा शेष पांच गुर्गों में चकिया का ही मो. इमरान, मो. जीशान, खालिद जफर, पीपल गांव का जय प्रकाश दुबे और जीटीबी नगर का रहने वाला फहीम अहमद शामिल है।
भूमाफिया पर तीन से लेकर 19 मुकदमे दर्ज हैं
एसडीएम ने बताया कि मो. मुस्लिम और मो. इमरान के खिलाफ 19-19, मो. जीशान के खिलाफ 14, खालिद जफर के खिलाफ आठ, जय प्रकाश दुबे के खिलाफ 10 और फहीम अहमद के विरुद्ध तीन मुकदमे दर्ज हैं। इन मुकदमों में अन्य अपराधिक वारदातों के साथ ही सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के मामले भी शामिल हैं। एसडीएम ने बताया कि यह सभी माफिया अतीक के गैंग से जुड़े हैं। इन्हें भू-माफिया घोषित करते हुए रिपोर्ट जिला स्तरीय कमेटी को भेज दी गई है।
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12 अपराधी पहले ही घोषित हैं भूमाफिया
एसडीएम ने बताया कि 12 अपराधियों को पहले ही भू-माफिया घोषित किया जा चुका है। इस तरह सदर तहसील में भू-माफियाओं की संख्या अब 18 हो गई है। एसडीएम ने बताया कि भू-माफिया घोषित किए गए अपराधियों पर दर्ज मुकदमों की जांच आदि की विशेष निगरानी होगी। इन्होंने कहां-कहां कब्जे किए हैं, इसका पता लगाया जाएगा।