विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बेरोजगार युवक से नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी, बंधक बनाकर तीन लाख वसूले; जेवरात गिरवी रखकर दिए रुपये

By Tara Gupta Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sat, 05 Sep 2026 12:58 PM (IST)

प्रयागराज में ऑनलाइन नौकरी के नाम पर एक युवक से धोखाधड़ी कर उसके दस्तावेज़ों का दुरुपयोग किया गया। उसे बंधक ...और पढ़ें

प्रयागराज में ऑनलाइन नौकरी के झांसे में फंसा युवक, धोखाधड़ी और तीन लाख गंवाने पड़े।

प्रयागराज में ऑनलाइन नौकरी के झांसे में फंसा युवक, धोखाधड़ी और तीन लाख गंवाने पड़े।

HighLights

  1. सौरभ समेत कई अज्ञात पर कर्नलगंज थाने में केस दर्ज

  2. प्रयागराज के फाफामऊ गोहरी निवासी अमन के साथ हुई  घटना

  3. ऑनलाइन नौकरी तलाश रहे हैं तो सतर्कता बरतना जरूरी 

जागरण, संवाददाता, प्रयागराज। अगर आप बेरोजगार हैं और ऑनलाइन नौकरी तलाश रहे हैं तो सतर्क हो जाएं। कहीं ऐसा न हो कि आपके साथ ही नौकरी के नाम पर धोखा हो और फिर माता-पिता की गाढ़ी कमाई भी खर्च हो जाए। ऐसी ही एक घटना फाफामऊ गोहरी निवासी अमन पटेल के साथ हुई है। पीड़ित ने डीएई साल्यूशन के संचालक सौरभ कुमार समेत कई अज्ञात के खिलाफ कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

नौकरी के लिए किया था आवेदन

अमन का कहना है कि उसने जून 2026 में वर्क इंडिया एप के माध्यम से डीईए साल्यूशन में नौकरी के लिए आवेदन किया। तीन दिन बाद बैंक रोड कटरा स्थित प्रतिष्ठान के संचालक सौरभ कुमार ने साक्षात्कार लिया और आधार आधारित नकद निकासी (AEPS), फोटोस्टेट और ऑनलाइन सेवाओं का कार्य बताया गया। इसके बदले 12 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन और सौ रुपये रोजाना का खर्च देने का आश्वासन दिया गया।

आधार कार्ड आदि का किया गया दुरुपयोग 

25 जून को नौकरी ज्वाइन करके सुबह 10 से शाम सात बजे तक काम करने लगा। उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और फोटो जमा कराया गया। आरोप है कि कुछ समय बाद सौरभ कुमार ने उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और फोटो का दुरुपयोग करते हुए विभिन्न ऑनलाइन भुगतान एवं वित्तीय सेवा कंपनियों, जैसे Dogma Soft, APY Point, Pay Bingo, Pay1, Rainet, Dhanu Pay, Dhanhind, ECASPS, PayNearby में नाम से आईडी बनवा दी।

पीड़ित को साइबर धोखाधड़ी की जानकारी नहीं थी 

इन सभी आईडी में मोबाइल नंबर एवं ई-मेल आईडी सौरभ ने अपनी लगाई। पूछने पर कहा कि दुकान उसकी है, इसलिए सभी आईडी वही संचालित करेगा। आईडी सक्रिय होने के बाद सौरभ कुमार दुकान पर अनियमित रूप से दो-तीन दिन के अंतराल पर आता था। एक-एक चाबी दोनों के पास थी। तब तक साइबर धोखाधड़ी की जानकारी उसे नहीं थी।

फर्जीवाड़ा किया गया 

सौरभ कुमार विभिन्न व्यक्तियों से प्राप्त धनराशि उसके बैंक खाते में यह कहकर मंगवाता था कि उसका गोदाम दूसरी जगह है और वह वहां से माल बेचता है। उसके खाते में पैसा आने के बाद सौरभ नकद निकासी करवा लेता था तो कभी अन्य खार्तों में स्थानांतरित करवा देता था। एक महीने बाद सौरभ ने दुकान की चाबी लेकर अगले दिन किसी से भिजवाने के लिए कहा।

बलेनो कार से तीन युवक आए घर

पीड़ित अमन का कहना है कि 31 जुलाई की शाम करीब साढ़े सात बले बलेनो कार से तीन युवक उसके घर आए। उन्होंने स्वयं को साइबर क्राइम विभाग का अधिकारी बताते हुए कहा कि उसके विरुद्ध फ्राड की शिकायत है और लगातार डराते-धमकाते रहे। उसके अगले दिन फोन करके बैंक रोड स्थित दुकान पर बुलाया।

पीड़ित अमन को बंधक बनाया गया

अमन का आरोप है कि बीमार पिता के साथ जब वह पहुंचा तो कार में बंधक बना लिया गया। जेल भेजने और भविष्य बर्बाद करने की धमकी दी। कहा कि अगर बचना है तो साढ़े तीन लाख रुपये देना पड़ेगा। भय एवं दबाव के कारण उसके पिता ने एक लाख रुपये दिए। फिर भी उसे नहीं छोड़ा।

जेवरात गिरवी रखकर दिए पैसे

अगवा करने वाले किसी से शिकायत पर जान से मारने की धमकी देते रहे। तब उसके माता-पिता ने जेवरात गिरवी रखकर दो लाख रुपये की व्यवस्था की और बताए गए स्थान शांतिपुरम के पास पहुंचकर तीन लाख रुपये दिए। तब उसे छोड़ा गया। इसके बाद विभिन्न कंपनियों से फोन आने लगे, जिसके बाद पता चला कि उसके दस्तावेजों का उपयोग करके साइबर अपराध किया जा रहा था। फिलहाल कर्नलगंज पुलिस केस दर्ज कर आरोपितों की तलाश कर रही है।

यह भी पढ़ें- प्रयागराज की चारों SOG भंग, ड्रग पकड़ने में यहां की पुलिस फेल; मुंबई क्राइम ब्रांच ने करोड़ों की MD Drug पकड़ी थी

यह भी पढ़ें- प्रयागराज के मांडा में एमडी ड्रग फैक्ट्री सील, तस्करों ने फूल की खेती को ली थी जमीन; चारों तरफ जंगल से सुरक्षित है स्थान