नवैयत बदल कर बेच दी तालाब की बेशकीमती जमीन, चार-पांच बार खरीद-फरोख्त हुई; प्रयागराज के अफसर बेखबर
प्रयागराज के करछना क्षेत्र में तालाब की छह बीघे बेशकीमती जमीन की नवैयत बदलकर उसे अवैध रूप से बेच दिया गया। यह जमीन चार-पांच बार खरीदी-बेची गई, जिस पर ...और पढ़ें

प्रयागरा में फर्जीवाड़ा कर तालाब की जमीन को बेच दी गई।
HighLights
प्रयागराज-मीरजापुर हाईवे निकट करछना में बेशकीमती जमीन
यमुनापार में करछना क्षेत्र के अंतहिया गांव का मामला
एसडीएम बोले- चकबंदी विभाग से मांगी गई है रिपोर्ट
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। यमुनापार के करछना तहसील क्षेत्र में नवैयत बदल कर तालाब की बेशकीमती सुरक्षित भूमि बेच डाली गई। एक दो नहीं, बल्कि चार से पांच बार इसकी खरीद-फरोख्त हुई। इतना सब होने के बाद भी तहसील प्रशासन इससे बेखबर रहा। मामले के तूल पकड़ने पर अब चकबंदी विभाग से रिपोर्ट तलब की गई है।
इस भूमि को परती बना दिया गया
अंतहिया गांव में तालाब के नाम पर करीब छह बीघे भूमि सुरक्षित की गई थी। पुराने सरकारी दस्तावेजों में यह अब भी तालाब ही दर्ज है। 60 के दशक में हुई चकबंदी के बाद इसे नवीन परती बना दिया गया। जबकि ऐसी सुरक्षित जमीनों की नवैयत बदलने पर पाबंदी है।
भूमि का पट्टा फिर फ्री होल्ड करा ली गई जमीन
खेल यही पर नहीं थमा। नवीन परती बनाने के बाद इस भूमि का कुछ लोगों के नाम पट्टा हुआ। फिर यह भूमि फ्री होल्ड करा ली गई, जिसके बाद इसकी बोली लगने लगी। प्रयागराज-मीरजापुर हाईवे से कुछ दूरी पर स्थित यह बेशकीमती जमीन अब तक करीब चार से पांच बार खरीदी व बेची गई।
तमाम शिकायत दर्ज हुई पर सिर्फ जांच का दिया आदेश
इस वक्त भी यह भूमि देवरी कला निवासी कमलेश कुमार द्विवेदी के नाम दर्ज है। कमलेश कुमार द्विवेदी करछना ब्लाक प्रमुख सरोज द्विवेदी के पति हैं। अंतहिया के ही बजरंगी मिश्रा समेत अन्य तमाम किसानों ने कई बार इसकी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अफसर सिर्फ जांच के आदेश देते रह गए। कार्रवाई ढेला भर नहीं हुई। उधर, ब्लाक प्रमुख के पति का कहना है कि उन्होंने नियमों के अनुरूप जमीन खरीदी है। अगर यह तालाब की भूमि थी तो राजस्व विभाग को पट्टा और फ्री होल्ड ही नहीं करना चाहिए था।
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पहले प्रकरण संज्ञान में नहीं था। अब जानकारी मिली है। किस स्तर पर गड़बड़ी हुई है, इसका पता लगाने के लिए चकबंदी विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है।
- भारती मीणा, एसडीएम करछना
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