गैस एजेंसियों पर भीड़, बुकिंग के एक सप्ताह बाद भी LPG सिलेंडर की होम डिलीवरी नहीं मिल रही, लोगों की बढ़ी परेशानी
प्रयागराज में एलपीजी रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत बरकरार है। होम डिलीवरी में देरी से उपभोक्ता परेशान हैं। बुकिंग के एक सप्ताह बाद भी गैस सिलेंडर नहीं मि ...और पढ़ें
HighLights
प्रयागराज में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री चार गुना बढ़ी
कामर्शियल गैस की कमी से कोयले की कीमत बढ़ी
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। घरेलू गैस सिलिंडर की किल्लत अभी भी पूरी तरह दूर नहीं हो सकी है। हालात यह हैं कि गैस एजेंसियों पर रोजाना सुबह से ही उपभोक्ताओं की भीड़ जुट रही है। बुकिंग कराने के एक सप्ताह बाद भी लोगों को होम डिलीवरी नहीं मिल पा रही है, जिससे आम उपभोक्ता परेशान हैं। एजेंसी का सिलिंडर लदा वाहन जहां भी पहुंचता है, लोग तुरंत वहां पहुंचकर कतार में लग जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद सभी को सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है।
गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें
शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी-लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं। कई जगहों पर तो लोग चार-पांच घंटे तक इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ लौटने को विवश हैं। मुट्ठीगंज के सतीश चंद्र केसरवानी, रतन कुमार, का कहना है कि आनलाइन बुकिंग के बावजूद समय पर सिलिंडर नहीं मिल रहा है, जिससे रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है।
25 दिन की बुकिंग से उपभोक्ता परेशान
करेली के हिमांशु, ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें बुकिंग के 24 घंटे बाद डीएसी नंबर मिला। इसके दूसरे दिन डिलीवरी का मैसेज भी मिल गया, लेकिन सिलिंडर घर तक नहीं पहुंचा। ऐसे में उन्हें खुद एजेंसी या वितरण वाहन तक जाना पड़ा। अल्लापुर के सुधांशु, धूमनगंज के मुन्ना कुशवाहा ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी एक से दूसरी बुकिंग को लेकर है। पहले नियम 15 से 18 दिन था, जिसे 25 दिन कर दिया गया है। इससे काफी दिक्कत हो रही है।
गैस संकट का बाजार में असर
वहीं गैस संकट का सबसे ज्यादा असर अब बाजार पर दिखने लगा है। लोग वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इलेक्ट्रानिक उपकरणों की ओर रुख कर रहे हैं। खासकर इंडक्शन चूल्हों की मांग में अचानक जबरदस्त बढ़ोतरी देखी जा रही है। व्यापारी सोनू गुप्ता, माेहन लाल, कन्हैया ने बताया कि सामान्य दिनों में जहां एक दुकान से एक या दो इंडक्शन चूल्हे बिकते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 10 से 15 प्रतिदिन तक पहुंच गई है। यानी बिक्री में चार से पांच गुना तक इजाफा हुआ है।
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दुकानों में कम हो रहे इंडक्शन चूल्हे
मांग बढ़ने के साथ ही इसकी कीमतों में भी तेजी आई है। पहले 2500 से 3000 रुपये में मिलने वाला इंडक्शन चूल्हा अब 3500 से 4000 रुपये तक बिक रहा है। धीरे-धीरे इंडक्शन चूल्हे दुकानों से कम होते जा रहे हैं। आल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर फडरेशन मंडल प्रयागराज के महामंत्री मोहित मिश्रा का कहना है कि आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। आने वाले दिनों में स्थिति पूरी तरह ठीक हो जाएगी। उपभोक्ताओं को भी थोड़ा धैर्य बनाए रखने की जरूरत है।
कोयले के सहारे चल रहीं फुटपाथ की दुकानें
घरेलू गैस के साथ-साथ कामर्शियल सिलिंडर की कमी का असर होटल, रेस्टोरेंट और फुटपाथ पर लगने वाली दुकानों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। करीब एक सप्ताह पहले तक हालात इतने खराब थे कि 50 प्रतिशत से अधिक फुटपाथ की दुकानें बंद हो गई थीं। हालांकि अब धीरे-धीरे ये दुकानें खुलने लगी हैं, लेकिन उनमें कामर्शियल गैस सिलिंडर का उपयोग नहीं हो रहा है। दुकानदार अब कोयले के सहारे छोटी-छोटी भट्ठियां जलाकर काम चला रहे हैं। इससे कोयले के दाम भी बढ़ गए हैं।
मांग बढ़ने से कीमत में उछाल
दो सप्ताह पहले तक जो कच्चा कोयला 1600-1700 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा था, उसकी कीमत अब बढ़कर 1800-1900 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। व्यापारियों का कहना है कि मांग बढ़ने के कारण कीमतों में यह उछाल आया है। होटल व रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह का कहना है कि कामर्शियल सिलिंडर की कमी से कारोबार प्रभावित हुआ है। रेस्टोरेंटों व होटलों को जैसे-तैसे चलाया जा रहा है। मेन्यू बेहद कम कर दिया गया है।
‘पहले आओ, पहले पाओ’ जैसी स्थिति
गैस की कमी के चलते कई जगहों पर ‘पहले आओ, पहले पाओ’ जैसी स्थिति बन गई है। सिलिंडर लदे वाहन के पहुंचते ही लोग टूट पड़ते हैं और जल्द से जल्द सिलिंडर लेने की होड़ मच जाती है। एजेंसियों के कर्मचारियों का कहना है कि आपूर्ति कम होने के कारण सभी उपभोक्ताओं को एक साथ सिलिंडर देना संभव नहीं हो पा रहा है।
बिजली की खपत बढ़ी, पड़ सकता है असर
इंडक्शन चूल्हों के बढ़ते उपयोग से बिजली की खपत भी बढ़ गई है। इससे शहर के कई इलाकों में बिजली पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल रहा है। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो बिजली व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
54 घंटे में 45 लाख लीटर डीजल-पेट्रोल की बिक्री
ईरान पर अमेरिका-इजराइल द्वारा किए गए हमले के बाद डीजल-पेट्रोल की कमी व कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर बुधवार शाम करीब चार बजे तेजी से अफवाह फैली थी। पेट्रोल पंपों पर लोगों की जबरदस्त भीड़ लग गई थी। गुरुवार को स्थिति और भी खराब हो गई थी। इसका परिणाम यह हुआ था कि कई पेट्रोल पंप सूख गए थे। हालांकि, शुक्रवार को स्थिति सामान्य हो गई। पेट्रोल पंपों पर सामान्य दिनों की तरह ही लोग वाहनों में तेल भरवाने के लिए पहुंचे। जिला आपूर्ति विभाग में दर्ज आंकड़ों को देंखे तो जिले में पेट्रोल-डीजल की औसत मांग प्रतिदिन सात-आठ लाख लीटर है, लेकिन बुधवार शाम चार बजे से शुक्रवार शाम चार बजे तक यानी 54 घंटे में 45 लाख लीटर डीजल-पेट्रोल की बिक्री हुई, जो दोगुने से अधिक रही।
पीएनजी लाइन न होने पर मिलेगा कामर्शियल सिलिंडर
होटल, रेस्टोरेंट व फुटपाथ पर खानपान की दुकान चलाने वालों को अब आसानी से कामर्शियल सिलिंडर नहीं मिलेगा। सभी को पीएनजी के लिए आवेदन करना होगा। जहां से पीएनजी लाइन गई है, वहां के उपभोक्ताओं को तत्काल इसका कनेक्शन दिया जाएगा और जहां से पीएनजी लाइन नहीं गई है, वहां के उपभोक्ताआें के आवेदन पर नो लाइन लिखा जाएगा। पीएनजी पाइप लाइन विहीन क्षेत्र के कामर्शियल उपभोक्ता इसी आवेदन को अपने संबंधित गैस एजेंसी में ले जाकर देंगे, तब इन्हें कामर्शियल सिलिंडर मिलेगा। जबकि जिनके यहां पीएनजी लाइन होगी, उनको कामर्शियल गैस की सुविधा नहीं मिलेगी।