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    मामा ने नहीं, चाचा और शिक्षक ने किया था प्रयागराज में मासूम को अगवा, पुलिस जांच में आया नया मोड़

    By tara chand Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Fri, 20 Mar 2026 01:20 PM (IST)

    प्रयागराज के मांडा इलाके में दादा के सामने से सात वर्षीय प्रतीक के अपहरण मामले की पुलिस जांच में नया मोड़ आया है। बच्चे को मामा ने नहीं, बल्कि उसके चा ...और पढ़ें

    प्रयागराज के मांडा में इसी छात्र प्रतीक शर्मा को अगवा कर लिया गया था, जिसे पुलिस ने बरामद किया था। जागरण आर्काइव

    प्रयागराज के मांडा में इसी छात्र प्रतीक शर्मा को अगवा कर लिया गया था, जिसे पुलिस ने बरामद किया था। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. अभियुक्तों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद होने की कही जा रही बात

    2. यमुनापार के मांडा इलाके में दादा के सामने सात वर्षीय प्रतीक को किया गया था अगवा

    3. पुलिस ने बच्चे को वाराणसी से सकुशल बरामद किया था, उसके बयान पर दो मामा को पकड़ा

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। मांडा क्षेत्र में दादा के सामने सात वर्षीय मासूम पोते प्रतीक को अगवा करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि छात्र प्रतीक का अपहरण उसके मामा ने नहीं, बल्कि चाचा और एक शिक्षक ने किया था। दोनों से पूछताछ चल रही है। अभियुक्तों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कार को भी बरामद किए जाने की बात कही जा रही है।

    12 दिन पूर्व मासूम का अपहरण हुआ था

    उल्लेखनीय है कि करीब 12 दिन पहले मासूम को अगवा करने की घटना सामने आई थी। पुलिस ने बच्चे को वाराणसी से सकुशल बरामद कर लिया था। बच्चे के बयान के आधार पर पुलिस ने उसके दो मामा पर अपहरण का आरोप लगाते हुए पकड़ा था, लेकिन अब जांच में कहानी बदल गई है।

    एलकेजी का छात्र है प्रतीक

    मांडा थाना क्षेत्र के सरायकला गांव निवासी ओम प्रकाश शर्मा मुंबई में प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। गांव में उनकी पत्नी आरती, सात साल का बेटा प्रतीक, चार साल की बेटी, पिता व भाई रहते हैं। प्रतीक मेजा के अकोढ़ा सोनार का तारा गांव स्थित गुलाब पत्ती देवी स्कूल में एलकेजी का छात्र है।

    स्कूल वैन से उतरते ही अगवा कर लिया गया था

    बीते सात मार्च को करीब तीन बजे स्कूल में छुट्टी होने के बाद वैन ने प्रतीक को उसके घर के सामने उतार दिया। दादा नागेश्वर अपने पोते प्रतीक को घर के भीतर ले जाते, इससे पहले ही अल्टो कार से सवार दो युवक आए। एक ने नागेश्वर से जवनिया जाने का पता पूछा, जबकि दूसरे ने उतरकर बच्चे को कार में बैठा लिया और तेजी से भाग निकले। आंखों के सामने बच्चे को अगवा होते देख दादा हतप्रभ रह गए। मासूम बच्चे के अपहरण की खबर से ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।

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    वाराणसी से बच्चा सकुशल बरामद हुआ

    पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए आठ पुलिस टीम लगाई। इसके बाद अपहृत बच्चे को वाराणसी से सकुशल बरामद कर लिया गया। शुक्रवार को पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। अधिकारियों का कहना है कि अपहरण में बच्चे के चाचा और शिक्षक को पकड़कर पूछताछ की जा रही है।

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