दीपावली के बाद अब रोजगार सेवकों की होली भी रहेगी फीकी, सात से आठ माह तक का भुगतान हैं लंबित
प्रयागराज में मनरेगा कर्मचारियों को दीपावली के बाद होली पर भी मानदेय नहीं मिलने से निराशा है। लगभग एक हजार कर्मचारियों को सात से आठ महीने से भुगतान नह ...और पढ़ें

प्रयागराज के मनरेगा कर्मचारियों का वेतन भुगतान महीनों से लंबित है।
HighLights
शिकायतों के बाद भी नहीं हो रही सुनवाई
अधिकारी बजट की कमी बताकर किनारा कर रहे
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जनपद में तैनात करीब एक हजार मनरेगा कर्मचारियों की दीपावली तो बिना मानदेय के अंधेरे में बीती ही थी अब होली का रंग भी फीका पड़ने वाला है, क्योंकि जेब में फूटी कौड़ी भी नहीं है। अधिकारियों से कहते-कहते थक गए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मानदेय के भुगतान में हीलाहवाली से इनके वरिवार के लोग भी परेशान हैं।
हर ब्लाक में मानदेय लंबित
मनरेगा के कामकाज के लिए ब्लाक और ग्राम पंचायत स्तर पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इनमें अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक, अकाउंटेंट, कंप्यूटर आपरेटर व ग्राम रोजगार सेवक शामिल हैं। ग्राम रोजगार सेवक पंचायत मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अरुण यादव ने बताया कि हर ब्लाक में इन कर्मचारियों का मानदेय लंबित हैं। कहीं आठ से 10 महीने तो कहीं एक-एक साल का पेमेंट बाकी है।
कर्मचारी व स्वजन मायूस
उन्होंने बताया कि दीपावली में भी भुगतान नहीं हुआ था। इसकी वजह से कर्मचारियों व उनके परिवार के लोगों को काफी दिक्कतें हुईं थी। होली में भी समस्या जस की तस बनी हुई है। यह हाल तब है जब संयुक्त आयुक्त मनरेगा की ओर से हर महीने एक से पांच तारीख के बीच सभी कर्मचारियों के भुगतान का आदेश दिया गया है।
आर्थिक तंगी के बीच त्योहार फीका
रोजगार सेवक अजय कुमार का कहना है कि तमाम कर्मचारी ऐसे हैं, जिनका घर इसी नौकरी से चलता है। उधार लेकर वह अपने परिवार का पेट भर रहे हैं। आर्थिक तंगी के बीच इनका हर त्योहार फीका जा रहा है। कई बार इसे लेकर धरना-प्रदर्शन किए गए। अफसरों को ज्ञापन दिए गए, लेकिन हुआ कुछ नहीं। अधिकारी बजट की कमी बताकर किनारा कर लेते हैं। अन्य रोजगार सेवकों ने भी भुगतान न होने पर नाराजगी जताई है। इस संबंध में उपायुक्त मनरेगा गुलाब चंद्र का कहना है कि बजट न होने के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है।