50 साल पुराने मकान पर गरजा बुलडोजर, सिर पर पांव रखकर भागे सोते हुए लोग, प्रयागराज में PDA की बड़ी कार्रवाई
प्रयागराज के महेवा गेट पर पीडीए ने 50 साल पुराने अवैध कब्जों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब दो हजार वर्ग गज जमीन खाली कराई। ...और पढ़ें

HighLights
महेवा गेट पर पीडीए ने अवैध कब्जे हटाए।
करीब 2000 वर्ग गज जमीन खाली कराई गई।
सांसद ने प्रभावितों के पुनर्वास की मांग की।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। टीसीआई चौराहा महेवा गेट के निकट करीब दो हजार वर्ग गज जमीन से अवैध कब्जे बुधवार सुबह हटा दिए गए। 50 साल में यहां घर और प्रतिष्ठान बनाकर 30 लोगों के द्वारा कब्जे हो चुके थे।
प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने कई थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की तो खलबली मच गई। चार बैकहो लोडर (बुलडोजर) से पक्के निर्माण धड़ाधड़ ढहाए जाने लगे। उस समय आसपास रहने वाले लोग सो रहे थे।
जिन लोगों ने पीडीए की नोटिस और चेतावनी को अनदेखा किया, घरों में खर्राटे लेते रहे उन्हें सिर पर पांव रखकर भागना पड़ा। हालांकि अधिकतर प्रतिष्ठान संचालकों ने कुछ दिनों पहले ही भवन को खाली कर दिया था ताकि नुकसान कम हो।
चौराहे पर पीडीए के जोनल अधिकारी की ओर से कृष्ण डेरी, दीन दयाल, मां शारदा, हर्ष स्टूडियो, द डॉन, हरीश टेंट, गुड़िया देवी, एस एन प्रजापति, राजकुमार भारतीय, शेज ननचू, राजेश कुमार भारतीय, आकाश भारतीय, रामू निषाद, उमेश निषाद हार्डवेयर, बीके इलेक्ट्रिक, आशीष कुमार केसरवानी, ओम फर्नीचर, एसके सैलून, पुरुषोत्तम जनरल स्टोर प्रजापति मेडिकल स्टोर, विंध्यवासिनी पान भंडार, शुभम जनरल स्टोर, निषाद जन सेवा केंद्र, वैष्णो जनरल स्टोर, अनिल पान भंडार, गन्ना भारती, दिनेश जायसवाल, मोहन यादव, रमेश भारतीय, होंडा सर्विस सेंटर, भारतीय गैस चूल्हा समेत 30 प्रतिष्ठान संचालकों और अन्य लोगों को कब्जा हटाने के लिए नोटिस दी गई थी। नोटिस को नजरअंदाज कर लोग कब्जा जमाए हुए थे।

शनिवार को एसडीएम करछना तपन मिश्रा और एसीपी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ दस्ता वहां पहुंचा था। तब महिलाओं ने जबरदस्त विरोध किया था, जिसके चलते अधिकारी कार्रवाई किए बिना ही बैरंग लौट गए थे।
बुधवार सुबह जब अधिकांश लोग बिस्तर भी नहीं छोड़ पाए थे तभी उच्चाधिकारी पूरी तैयारी के साथ पहुंच गए। पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ एसडीएम और एसीपी पहुंच गए।
बिजली विभाग के कर्मचारियों को बुलाकर पहले पावर सप्लाई कटवाई गई। उसके बाद चार बुलडोजर लगाकर अवैध कब्जे को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
फव्वारा चौराहा और खान चौराहे पर बैरीकेडिंग लगाकर आवागमन रोक दिया गया था। नैनी, औद्योगिक क्षेत्र, करछना, घूरपुर, कोरांव, कौंधियारा, लालापुर, बारा, मेजा, मांडा थाने की पुलिस के अलावा दो सेक्शन पीएसी के जवान लगाए गए थे।

प्रभावित परिवारों का कराया जाए पुनर्वास: उज्जवल
सांसद उज्जवल रमण सिंह ने टीसीआई गेट महेवा के पास पीडीए की ओर से हुई कार्रवाई की निंदा की है। कहा कि सड़क चौडी़करण के नाम पर गरीबों के आशियाने ढहाए गए। बुलडोजर से मकान और प्रतिष्ठान ढहाए गए।
खबरें और भी
सत्ता पक्ष के नेताओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि गाड़ी निकलने में परेशानी होती थी, इसलिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर कार्रवाई कराई गई। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग किया है कि ध्वस्तीकरण से प्रभावित परिवार को तत्काल पुनर्स्थापित किया जाय।
सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने बताया कि उज्जवल रमण सिंह ने ध्वस्तीकरण रोकने का प्रयास किया था। सत्ता पक्ष के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए।
यह भी पढ़ें- लखनऊ में पांच अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोजर, एलडीए की कार्रवाई में होटल रेनेसां का स्टोर सील
यह भी पढ़ें- अलीगढ़ में ADA का बड़ा एक्शन, चार अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर; निर्माण ध्वस्त