प्रयागराज शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था धड़ाम, आंधी-बारिश के 5 दिन बाद भी दर्जनों गांव अंधेरे में
प्रयागराज में आंधी-बारिश के बाद बिजली व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे शहर और ग्रामीण इलाकों में हाहाकार मचा है। कई गांवों में पांच दिनों से बिजली गुल है, ...और पढ़ें

भीषण गर्मी में प्रयागराज जनपद में बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई है।
HighLights
शहर के कल्याणी देवी, नैनी डिवीजन व गंगापार के मलावां उपकेंद्र की स्थिति बद से बदतर
कहीं जल रही केबल, कहीं उड़ रहे जंपर, बेहताशा ट्रिपिंग, भीषण गर्मी में उपभोक्ता परेशान
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जिले में बिजली व्यवस्था धड़ाम हो गई है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में हाहाकार मचा है। पांच दिन पूर्व आंधी-बारिश के बाद 17 मई की रात तक दर्जनों गांवों में अब तक बिजली चालू नहीं हो सकी थी। इससे उपभोक्ता भीषण उमस भरी गर्मी में बेहाल हैं।
अधिकारी-कर्मचारी लापरवाह
शहर में सबसे खराब हाल कल्याणी देवी व नैनी डिवीजन का है, जबकि गंगापार में मलावां, हबूसा मोड़, गोड़वा उपकेंद्र की हालत बद से बदतर हो गई है। उपकेंद्रों के अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक कार्य के प्रति इस कदर लापरवाह हो चुके हैं कि वह अपने उच्चाधिकारियों की भी नहीं सुन रहे हैं। उनकी इस लापरवाही का खामियाजा हजारों उपभोक्ता भीषण गर्मी में भुगत रहे हैं।
कल्याणी देवी उपकेंद्र के प्रभावित इलाके
कल्याणी देवी के हसन मंजिल फाटक के पास शनिवार देर रात एबीसी केबल में आग लगने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इससे रातभर लोगों को रतजगा करना पड़ा। रविवार दोपहर इस्लाम पार्क ट्रांसफार्मर की पेटी कटने से घंटों दर्जनों घरों की बिजली आपूर्ति ठप रही। डा. बनर्जी फीडर में खराबी आने से आटो ट्रिपिंग हुआ, जिससे दरियाबाद क्षेत्र में कई घंटे बिजली गुल रही। ककहरा घाट क्षेत्र में तो सुबह से गुल हुई बिजली दोपहर तीन बजे आई, लेकिन कुछ दूर बाद फिर कट गई। शाम करीब छह बजे यहां आपूर्ति चालू हुई।
करेली उपकेंद्र के भी मुहल्लेवासी परेशान रहे
करेली उपकेंद्र क्षेत्र में रविवार दोपहर एक बजे महमूद अपार्टमेंट के पास जंपर उड़ गया, जिससे नई पानी की टंकी के आसपास बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। इससे पहले शनिवार देर रात रिजवान कालोनी स्थित मुर्गा दरबार इलाके में तार टूटने से लोगों को रतजगा करना पड़ा। करेली नाले के पास भी रात डेढ़ बजे जंपर उड़ने से तीन घंटे तक आपूर्ति बंद रही।
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दारागंज में बिजली के साथ पेयजल समस्या
बक्शीबांध दारागंज में बांध के नीचे रविवार शाम तीन घंटे तक बिजली न आने से लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ा। नैनी के डांडी, महेवा में शनिवार रात के बाद रविवार दिनभर कटौती हाेती रही। रात नौ बजे फिर बिजली कट गई, जो देर रात 12 बजे तक बहाल नहीं हो सकी। इसी प्रकार तिगनौता, मन्ना का पुरावा मुहल्ले में शनिवार रात करीब दस बजे एबीसी में आग लग गई। इससे तीन सौ से अधिक घरों के लोगों को पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ी। रविवार सुबह आपूर्ति चालू न होने से लोगों के सामने पेयजल संकट उत्पन्न हो गया। दोपहर एक बजे यहां बिजली आपूर्ति बहाल हुई।
गंगापार के ये इलाके प्रभावित
गंगापार की बात करें तो मलावां, गोड़वा व हबूसा मोड़ उपकेंद्र से संबंधित दर्जनों गांवों में बुधवार शाम आई आंधी के बाद से अभी तक बिजली आपूर्ति चालू नहीं हो सकी है। मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता सभी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उपकेंद्रों पर भी जमकर मनमानी चल रही है। अधिकारियों से मरम्मत की झूठी बात कही जा रही है। जबकि हकीकत यह है कि मनमाने तौर पर कार्य हो रहा है, अन्यथा अब तक आपूर्ति बहाल कर दी जाती।
हबूसा मोड़ उपकेंद्र पर धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी
पटरी से उतरी बिजली व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने रविवार को हबूसा मोड़ स्थित विद्युत उपकेंद्र एवं कोटवा फीडर पर धरना-प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती बंद कराने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार ककरा, दुबावल, तिवारीपुर, जमुनीपुर, कोटवा, पहाड़ीपुर सहित कई गांवों में कई दिन से रात के समय हर एक घंटे के बाद बिजली की कटौती की जा रही है। धनंजय मिश्रा, संजय तिवारी, सुधाकर मिश्रा, कपिल दुबे, विक्की दुबे, शिवशंकर तिवारी आदि ने व्यवस्था में सुधार लाने की मांग की है।
लोगों ने किया उपकेंद्र का घेराव
झूंसी के लेखराजपुर में ट्रांसफार्मर जलने से पांच दिन से बिजली आपूर्ति ठप है। परेशान लोगों ने रविवार की शाम नई झूंसी सब स्टेशन का घेराव किया। नारेबाजी करते हुए बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की। इससे अफरतफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों शांत कराया। लोगों का कहना था कि पांच दिन से ट्रांसफार्मर जला है, लेकिन शिकायत के बाद भी इसे नहीं बदला गया।