प्रयागराज में 48 घंटे बिजली गुल, देवघाट के 200 घरों में अंधेरा; आक्रोशित लोगों ने उपकेंद्र का देर रात तक किया घेराव
प्रयागराज के देवघाट मुहल्ले में 48 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने से 200 से अधिक घरों में अंधेरा छा ...और पढ़ें
HighLights
पीपल गांव उपकेंद्र से जुड़े देवघाट मुहल्ले में बिजली के साथ पेयजल संकट गहराया
लोगों ने लगाया आरोप- शिकायत के बाद भी अधिकारी कोई सार्थक कदम नहीं उठा रहे
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर के पीपल गांव उपकेंद्र का बुधवार रात देवघाट मुहल्ले के लोगों ने घेराव कर दिया। विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि दो दिन से बिजली आपूर्ति ठप है। 200 से अधिक घरों के लोग परेशान हैं। बिजली के साथ पेयजल समस्या उत्पन्न हो गई है। शिकायत के बाद भी अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। देर रात तक उपकेंद्र पर हंगामा चलता रहा और फिर आपूर्ति बहाल हुई तो लोगों का आक्रोश शांत हुआ।
18 अगस्त की सुबह से गुल थी बिजली
पीपल गांव उपकेंद्र से देवघाट समेत आसपास के कई क्षेत्राें में बिजली आपूर्ति की जाती है। 18 अगस्त की सुबह से इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद हो गई। दोपहर में लोगों ने इसकी सूचना उपकेंद्र के अधिकारियों को दी, लेकिन आपूर्ति चालू नहीं हुई। 19 अगस्त को भी यही हाल रहा। शाम तक देवघाट को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी गई।
रात 10 बजे से उपकेंद्र का घेराव, पुलिस पहुंची
रात करीब 10 बजे बड़ी संख्या में देवघाट मुहल्ले के लोग पीपल गांव उपकेंद्र पर पहुंच गए। घेराव करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इससे वहां मौजूद अवर अभियंता व कर्मचारियों में खलबली मच गई। हंगामा बढ़ता देख पुलिस बुला ली गई। पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की, जिस पर कहा गया कि दो दिन से बिजली नहीं है। सिर्फ लाइन में खराबी की बात कहकर जेई अपना पीछा छुड़ा रहे हैं। आरोप लगाया कि मौके पर आने की बात तो दूर एसडीओ मोबाइल फोन तक नहीं उठा रहे हैं।
रात ढाई बजे आपूर्ति बहाल हुई तो मामला हुआ शांत
पुलिसकर्मियों ने लोगों से वापस जाने की बात कही, लेकिन वे बिजली आपूर्ति चालू हुए बिना उपकेंद्र से नहीं हटने पर अड़े रहे। बुधवार देर रात करीब 12:30 बजे आपूर्ति चालू की गई। इसके बाद लोग यहां से जैसे ही घर के लिए निकले, पुन: बिजली चली गई। इस पर लोग फिर उपकेंद्र पर पहुंच गए। देर रात 2:30 बजे आपूर्ति चालू की गई, तब जाकर लोग अपने-अपने घरों को लौटे।
