विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

एसटीएफ के हत्थे चढ़े तस्कर, तीन करोड़ की कोडीनयुक्त कफ सीरप जब्त; गिरोह के फरार सरगना की तलाश

By tara chand Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 03 Sep 2026 07:32 PM (GMT+05:30)

एसटीएफ प्रयागराज यूनिट ने बांदा में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन करोड़ रुपये की अवैध कोडीनयुक्त कफ सीरप के साथ ...और पढ़ें

एसटीएफ की गिरफ्त में अवैध कोडीनयुक्त सीरप के साथ तस्कर। साभार: एसटीएफ

एसटीएफ की गिरफ्त में अवैध कोडीनयुक्त सीरप के साथ तस्कर। साभार: एसटीएफ

HighLights

  1. डीसीएम, कार, नकदी और मोबाइल भी बरामद

  2. दिल्ली से लाकर एमपी, यूपी में करते थे सप्लाई

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। दिल्ली से लाकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में कोडीनयुक्त अवैध कफ सीरप की तस्करी करने वाले चार सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गिरोह का भंडाफोड़ किया है। अभियुक्तों के कब्जे से तीन करोड़ का अवैध कफ सीरप, डीसीएम, कार, 53 हजार रुपये और मोबाइल बरामद किया गया है। गिरोह का सरगना प्रियांशु गुप्ता फरार है। उसकी भी तलाश चल रही है।

एसटीएफ इंस्पेक्टर जय प्रकाश राय ने बताया कि दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ से कोडीनयुक्त अवैध कफ सीरप की तस्करी बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में किए जाने की जानकारी मिल रही थी। गुरुवार को पता चला कि गिरोह से जुड़े तस्कर डीसीएम और कार में अवैध कफ सीरप लेकर बांदा की ओर जाने वाले हैं।

तब दारोगा संजय कुमार सिंह, रणेंद्र कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल संतोष, रोहित, अश्वनी, किशन, सिपाही रविकांत की टीम को भेजा गया। टीम ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर घेरेबंदी करके अतर्रा बांदा निवासी धीरेंद्र कुमार, प्रवीण कुमार उर्फ लकी, रोहित पांडेय और गढ़मुक्तेश्वर हापुड़ के शेखर सिंह को दबोचा लिया।

तलाशी में डीसीएम और कार से तीन करोड़ की 250 पेटी कोडीनयुक्त अवैध कफ सीरप (ONEREX BRAND) बरामद किया गया। पूछताछ में पता चला कि अभियुक्तों का नशे के रूप में प्रयोग होने वाले अवैध कफ सीरप तस्करी का सक्रिय गिरोह है, जो मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई करता है।

हिमाचल प्रदेश की एक कंपनी में अवैध कफ सीरप बनता है। फिर गिरोह के सरगना प्रियांशु गुप्ता के साथ मिलकर दिल्ली के गणेश फार्मा से संपर्क करके सप्लाई की जाती थी। सभी के खिलाफ बांदा के बिसंडा थाने में एनडीपीएस समेत अन्य धाराओं में मुकदमा लिखा गया है।

ओम मेडिकल एजेंसी के नाम से इनवाइस बिल

एसटीएफ इंस्पेक्टर जेपी राय का कहना है कि तस्कर हमीरपुर यूपी के पते पर रजिस्टर्ड ओम मेडिकल एजेंसी के नाम पर कूटरचित जीएसटी इनवाइस बिल तैयार करते थे। वाणिज्य कर विभाग की ओर से इस फर्म निष्प्रयोज्य और बोगस घोषित किया गया है। लेकिन तस्कर नशे के रूप में प्रयोग होने वाले अवैध कफ सीरप की खेप उसी की आड़ में पहुंचाते थे। मेडिकल स्टोर की बजाय रैपर को बदलकर मंहगे दाम पर बेचते थे। मुनाफा आपस में बांट लेते थे और वाहन चालक को इनाम में 25 हजार रुपये भी देते थे।

यह भी पढ़ें- प्रयागराज: हंडिया थाना प्रभारी और दारोगा सस्पेंड, जमीन के मामले में एक पक्ष की पैरवी करने के आरोप में कार्रवाई

यह भी पढ़ें- इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष की रेस्टोरेंट में पिटाई, सिविल लाइंस में वकीलों का प्रदर्शन

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।