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    प्रयागराज के शिक्षकों ने अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से छात्रों का कायापलट किया, सरकारी स्कूलों से जुड़े मिथकों को दूर किया

    By Amlendu Tripathi Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Thu, 05 Mar 2026 12:52 PM (GMT+05:30)

    प्रयागराज के उच्च प्राथमिक विद्यालय जोगिया शेखपुर में, राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका नीलिमा श्रीवास्तव ने अतिरिक्त कक्षाएं लेकर चार विद्यार् ...और पढ़ें

    प्रयागराज के बेसिक स्कूलों के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा में अपनी सफलता दिलाने में योगदान देने वाली शिक्षिका नीलिमा। जागरण

    प्रयागराज के बेसिक स्कूलों के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा में अपनी सफलता दिलाने में योगदान देने वाली शिक्षिका नीलिमा। जागरण

    HighLights

    1. संसाधन कम हो तो समर्पण से लिख सकते हैं सफलता की इबारत

    2. राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका का अतिरिक्त प्रयास रंग लाया

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। बेसिक स्कूलों के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा में अपनी सफलता का रंग बिखेरा है। इसमें उनकी प्रतिभा और शिक्षक का समर्पण निहित है। उच्च प्राथमिक विद्यालय जोगिया शेखपुर में चार बच्चों ने सफलता पाई है। इसमें वहां की राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक नीलिमा श्रीवास्तव के विशेष प्रयास हैं। उन्होंने गणित, विज्ञान और रिजनिंग की अतिरिक्त कक्षाएं ली और बच्चों को किताबें आदि उपलब्ध कराया। इस प्रयास से वह भ्रांतियां टूटीं जो सरकारी शिक्षा तंत्र के बारे में नकारात्मकता को विस्तार देती हैं।

    राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त हैं शिक्षिका नीलिमा 

    उच्च प्राथमिक विद्यालय जोगिया शेखपुर के विद्यार्थी प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2026-27 की परीक्षा में अभिषेक मौर्य, अंश मौर्य, रंजना कुमारी व शब्द सिंह पटेल ने सफलता पाई है। यह सफलता वंचित वर्ग के बच्चों के आत्मविश्वास का प्रतीक है। राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका नीलिमा कहती हैं कि बच्चों की तैयारी शुरुआती कक्षाओं से कराई जाए तो सफलता सुनिश्चित है। इसी दिशा में वह कक्षा छह से ही बच्चों के साथ प्रयास शुरू कर देती हैं।

    बच्चों को भविष्य की चुनौतियों से अवगत कराना लक्ष्य

    बताया कि प्रत्येक वर्ष वह बच्चों को विषय से जोड़ने और पढ़ाई के प्रति रुचि जगाने का प्रयास करती हैं। उन्हें भविष्य की चुनौतियों से भी अवगत कराती हैं। विषय की गहराई को समझाने के लिए नियमित समय के अलावा अतिरिक्त कक्षाएं लेती हैं। इतिहास, भूगोल और नागरिक शास्त्र जैसे सामाजिक विषयों की समझ विकसित कराते हुए तर्कशक्ति का अभ्यास कराती हैं। अलग अलग प्रश्न बैंक देकर बच्चों से निर्धारित समय में उन्हें हल करने को कहती हैं। रटने की जगह समझने पर जोर होता है। सभी बच्चों को 'वन-लाइनर नोट्स' तैयार करवाए जाते हैं, जो बहुविकल्पीय प्रश्न को हल करने में सहायक होते हैं। इसके अतिरिक्त अन्य माडल पेपर लेकर ओएमआरशीट आदि भरवाने का भी अभ्यास वर्षभर चलता रहता है। इसकी वजह से परीक्षा के समय तकनीकी गड़बड़ी बच्चे नहीं करते हैं।

    अतिरिक्त कक्षा लेकर बच्चों की तैयारी कराने वाले शिक्षक

    जनपद के बेसिक स्कूलों में बच्चों की तैयारी कराने में कई शिक्षक रुचि ले रहे हैं। इनमें उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरसा के राम लखन मौर्य, प्रतापपुर के सुनील कुमार सरोज, पंवरी कोरांव के काले सिंह, पीएमश्री पीड़ी कौधियारा के देवानंद शुक्ला, राजापुर कौंधियारा की शालिनी, यूपीएस बेलहट कोरांव के सुशील कुमार यादव, पीएमश्री पालपुर चाका की आभा श्रीवास्तव, सैदाबाद के अनुदेशक पंकज सिंह, बहरिया के शिक्षक अमरदीप चौधरी, मसिका चाका के अंतरिक्ष शुक्ला, घोषी डैया कोरांव के उमेश कुमार, सुजौना जसरा की सुनीला शुक्ला, कंपोजिट स्कूल राजापुर मांडा के जगवीर कुमार, माधवी शर्मा, पथरपुर कोरांव के लालमणि व शंखधर द्विवेदी शामिल हैं।

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