अचानक 3 वर्ष की बेटी DFC ट्रैक पर दौड़ने लगी, सामने से आ रही थी ट्रेन; बचाने दौड़ी मां...दोनों की दर्दनाक मौत
माँ अपनी तीन साल की बेटी को डॉक्टर के पास ले जा रही थी, तभी बेटी अचानक डीएफसी ट्रैक पर दौड़ने लगी। सामने से आ रही मालगाड़ी की चपेट में आने से बेटी को बचाने दौड़ी माँ और बेटी दोनों की दर्दनाक मौत हो गई।

मालगाड़ी की चपेट में आकर मृत बेटी देविका व मां कबूतरा देवी की फाइल फोटो।
HighLights
बेटी के फोड़ा की दवा दिलाने डॉक्टर के पास जा रही थी
प्रयागराज में मालगाड़ी की चपेट में आकर मां-बेटी की मौत
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जनपद के यमुनापार में बड़ी घटना हो गई। मांडा थाना क्षेत्र के उमापुर गांव के सामने डीएफसी रेलवे लाइन पर मालगाड़ी की चपेट में आने से शनिवार शाम मां-बेटी की मौत हो गई। महिला अपनी बेटी को दवा दिलाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन बेटी हाथ छुड़ाकर रेलवे लाइन की तरफ दौड़ पड़ी थी। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
मां का हाथ छुड़ाकर रेलवे ट्रैक पर दौड़ने लगी मासूम
उमापुर गांव निवासी रमाशंकर निषाद रिक्शा चालक है। उसकी तीन वर्ष पुत्री देविका के एक बांह में फोड़ा निकल आया था। शनिवार शाम रमाशंकर की 28 वर्षीय पत्नी कबूतरा देवी बेटी को डॉक्टर को दिखाने के लिए घर से निकली। जैसे ही घर से करीब 20 मीटर दूर डीएफसी रेलवे लाइन पर पहुंची, अचानक बेटी ने हाथ छुड़ाया और ट्रैक के बीचो-बीच दौड़ने लगी।
रिक्शा चालक की पत्नी व बेटी हादसे का शिकार
इसी समय सामने से ट्रेन आ रही थी। बेटी को बचाने के लिए कबूतरा दौड़ी और फिर दोनों ट्रेन की चपेट में आ गईं। कुछ दूर पर मौजूद ग्रामीणों ने देखा तो वह घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। ट्रैक पर मां-बेटी की क्षत-विक्षत लाश पड़ी थी। उस समय रमाशंकर घर पर नहीं था। वह शहर में रिक्शा चलाने गया था। ग्रामीणों ने उसे फोन कर सूचना दी तो रात को वह घर पहुंचा।
रेलवे लाइन शोर मचाते हुए बेटी के पीछे भाग रही थी
मांडा थाना प्रभारी कुलदीप शर्मा का कहना है कि घटनास्थल से कुछ दूरी पर मौजूद ग्रामीणों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि उनके सामने हादसा हुआ था। देविका ट्रैक पर दौड़ रही थी। उस समय ट्रेन आ रही थी। उसकी मां रेलवे लाइन से हटने के लिए शोर मचाते हुए बेटी के पीछे दौड़ रही थी, लेकिन जब तक वह बेटी को बचाती, दोनों ट्रेन की चपेट में आ गईं थीं।
