प्रयागराज में दर्दनाक हादसा: सेप्टिक टैंक में शटरिंग खोलने उतरे चाचा-भतीजे की दम घुटने से मौत
प्रयागराज के गणेशगंज नेवादा समोगर गांव में निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक में शटरिंग खोलने उतरे चाचा-भतीजे की दम घुटने से मौत हो गई। ...और पढ़ें

निहाल और रजत का फाइल फोटो
HighLights
प्रयागराज में सेप्टिक टैंक में दम घुटने से चाचा-भतीजे की मौत।
जहरीली गैस से हादसा, मकान मालिक-ठेकेदार पुलिस हिरासत में।
मृतक परिवार के इकलौते सहारा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार।
संवाद सूत्र, प्रयागराज। औद्योगिक थाना क्षेत्र के गणेशगंज नेवादा समोगर गांव में शुक्रवार दोपहर अर्धनिर्मित मकान में बने सेफ्टी टैंक की शटरिंग खोलने गए चाचा-भतीजे की दम घुटने से मौत हो गई। आशंका है कि सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस थी, जिसके चपेट में दोनों आए। इससे वहां मौजूद लोगों में खलबली मच गई। मौके पर पहुंचे फायरकर्मियों ने शवों को बाहर निकाला। नैनी पुलिस ने मकान मालिक व ठेकेदार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
औद्योगिक थाना क्षेत्र के बेंदो गांव निवासी 32 वर्षीय जीतू उर्फ निहाल शुक्ला पुत्र स्व. मथुरा प्रसाद शुक्ला पट्टीदार के चाचा 35 वर्षीय रजत शुक्ला पुत्र विनोद शुक्ला के साथ मजदूरी करने जाता था। शुक्रवार को दोनों मजदूरी करने के लिए घर से निकले। वह रामपुर चौराहे पर खड़े थे।
उसी समय ठेकेदार अभयराज सिंह ने काम करने के लिए उन्हें अपने साथ गणेशगंज डेरी नेवादा समोगर के पास धर्मेंद्र केसरवानी के निर्माणाधीन मकान में ले गया। जहां दोनों नए सेप्टिक टैंक में शटरिंग खोलने के लिए टैंक में उतरे। पलभर में ही दोनों बेहोश होकर वहीं गिर गए।
काफी देर तक जब दोनों बाहर नहीं निकले तो अन्य मजदूरों ने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। मजदूरों ने नजदीक जाकर देखा तो दोनों टैंक में बेहोश पड़े थे, जिससे वहां खलबली मच गई। दोनों की हालत देख किसी की हिम्मत नहीं पड़ी कि सेप्टिक टैंक में उतरकर उन्हें बाहर निकाले।
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खबर फायर ब्रिगेड को दी गई। मौके पर पहुंचे फायरकर्मी सुरक्षा उपकरण पहनकर नीचे उतरे और फिर दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। नैनी पुलिस ने मौके पर मौजूद मकान मालिक धर्मेंद्र केसरवानी और ठेकेदार को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में दोनों मृत मजदूरों का नाम-पता नहीं बता सके। साथ में काम करने वाले अन्य मजदूरों ने भी अनिभिज्ञता जताई। पुलिस ने लावारिस में शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस को मृतकों के जेब से मोबाइल फोन मिले, जिसमें कई नंबर थे। पुलिस ने फोन किया तो मृतकों के स्वजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।
शवों की पहचान जीतू उर्फ निहाल व रजत शुक्ला के रूप में की। आशंका जताई जा रही है कि दोनों की मौत सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस निकलने से हुई। एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। एसओ औद्योगिक क्षेत्र कमलेश कुमार पटेल ने बताया कि कागजी कार्रवाई पूरी न होने की वजह से शवों का पोस्टमार्टम आज नहीं हो पाया। शनिवार को पोस्टमार्टम होगा।
बच्चों को कापी-किताब दिलाने की बात कहकर निकला था जीतू
औद्योगिक थाना क्षेत्र के बेंदो गांव निवासी जीतू उर्फ निहाल शुक्ला अपने परिवार का इकलौता सहारा था। उसकी मौत से मां विनोद देवी और पत्नी शालू पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। निहाल के घर की माली हालत काफी खराब है, जिसके चलते वह सूरत में जाकर प्राइवेट नौकरी करता था।
आठ वर्ष पहले पिता मथुरा प्रसाद की मौत के बाद वह गांव आ गया था। उसके बाद वह मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता था। उसके दो बेटे नैतिक कक्षा सात और नयन कक्षा छह में पढ़ते हैं। शुक्रवार की सुबह वह बच्चों को कापी किताब दिलाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन दोपहर में उसकी मौत की खबर सुनकर पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
तीन भाइयों में सबसे छोटा था रजत
बेंदो गांव निवासी रजत शुक्ला की शादी के पांच साल हो गए हैं, लेकिन उसे अभी तक पिता बनने का सुख नहीं मिला था। उसे पापा कहलाने का बहुत शौक था, जिसके विषय में वह साथियों से अक्सर चर्चा करता था। इसके लिए वह और उसकी पत्नी का इलाज भी चल रहा था। रजत की मौत के साथ ही उसके पिता बनने का सपना भी दफन हो गया। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था।