SIR in Prayagraj : पिता की उम्र 25 तो पुत्र की 45 वर्ष, एक व्यक्ति के चार पिता...नोटिस पाकर चकराया परिवार
SIR in Prayagraj प्रयागराज में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान, कई मतदाताओं को नाम, पिता का नाम और उम्र में विसंगतियों के कारण नोटिस मिले हैं। क ...और पढ़ें

SIR in Prayagraj प्रयागराज में बनाई गई मतदाता सूची में गलतियां हैं, नोटिस पाकर लोग परेशान हो रहे।
HighLights
तार्किक विसंगति वाले लगभग पौने आठ लाख वोटर्स को भेजा जा रहा नोटिस
एसआइआर अभियान में नोटिस का जवाब देने में जुटे विसंगति वाले मतदाता
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। SIR in Prayagraj मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के तहत लाजिकल डिस्क्रिप्शन (तार्किक विसंगति) प्रक्रिया में हजारों मतदाता नाम, पिता के नाम और उम्र को लेकर भेजे जा रहे नोटिस देखकर माथा पकड़ ले रहे हैं। किसी की उम्र में गड़बड़ी तो किसी के नाम की स्पेलिंग में और कहीं तो पता ही बदल गया है।
अधिकारियों का तर्क
SIR in Prayagraj उम्र में ऐसी गड़बड़ी कि पिता की आयु 25 तो पुत्र की 45 वर्ष लिख दी गई है। एसआइआर अभियान में इन दिनों तकनीकी त्रुटियों को सुधारने के उद्देश्य से शुरू हुई इस प्रक्रिया में आयु या पारिवारिक संबंधों में विसंगतियों के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं। कई मतदाताओं को बार-बार दस्तावेज जमा करने पड़ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इसका लक्ष्य सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।
...छह अन्य लोग भी पिता बता रहे
SIR in Prayagraj इस प्रक्रिया में ऐसे मामलों को चिन्हित किया जा रहा है, जहां डेटा तर्कसंगत नहीं लगता। उदाहरण के तौर पर यदि किसी पिता की आयु 25 वर्ष दर्ज है और उसके बेटे की आयु 45 साल दर्ज है या एक ही व्यक्ति ही व्यक्ति के कई पिता होने की स्थिति में उसे संदिग्ध माना जा रहा है। करेली में एक ही परिवार के दो व्यक्तियों को नोटिस भेजकर बताया गया कि उन्हें ऐसे व्यक्ति का पुत्र/पुत्री दर्शाया गया है, जिसे छह अन्य लोग भी पिता बता रहे हैं।
मतदाता सूची बनाने वालों की गलती की सजा भुगत रहे
SIR in Prayagraj इसी तरह एक व्यक्ति के चार पिता होने का नोटिस भेज दिया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि आपके और आपके दादा-दादी के बीच की उम्र का अंतर 40 साल से कम है। इससे गलत मिलान की आशंका जताई गई है। नोटिस पढ़कर घरवालों का माथा चकरा गया। उनका कहना है कि मतदाता सूची बनाने वालों की गलती की सजा उन्हें भुगतनी पड़ रही है।
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असमंजस की स्थिति बनी है
सलोरी में एक महिला मतदाता को नोटिस दिया गया कि उनके और उनके माता-पिता के बीच उम्र का अंतर 15 वर्ष से कम है। इससे महिला परेशान है। परिवार के अन्य सदस्यों को पिता के नाम में अंतर और उम्र के असंगत अंतर को लेकर नोटिस भेजे गए हैं। मतदाताओं का कहना है कि पहले भी विशेष पुनरीक्षण के दौरान दस्तावेज जमा किए थे, फिर दोबारा नोटिस भेजा जा रहा है। गंभीर बात यह है कि दूसरी बार भेजे गए नोटिस के बारे में कई बीएलओ (बूथ लेवल आफिसर) को या तो पूरी जानकारी नहीं है या वे मतदाताओं को सही से जानकारी नहीं दे रहे जिससे उनमें असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
क्या कहती हैं उप जिला निर्वाचन अधिकारी?
इस संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी पूजा मिश्रा का कहना है कि नोमैपिंग की श्रेणी वाले वोटर्स तथा तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं को नोटिस भेजने का एक ही उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। नोटिस मिलने पर बीएलओ को साक्ष्य भर देना है, जिसके बाद गड़बड़ी दूर हो जाएगी। इसमें किसी को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।
6.79 लाख नोटिस की सुनवाई पूरी, सभी होंगे मतदाता
जिले में तार्किक विसंगति वाले 1062435 मतदाता हैं, जिनमें गुरुवार शाम तक 1062323 (99.99 प्रतिशत) मतदाताओं के नोटिस जेनरेट किए जा चुके हैं। वहीं 774967 (72.94 प्रतिशत) मतदाताओं को नोटिस की डिलीवरी हो चुकी है, जिसमें 679282 (61.94 प्रतिशत) नोटिस पर सुनवाई हो चुकी है। ईआरओ तथा एईआरओ इन नोटिस पर सुनवाई कर रहे हैं। नोटिस की सुनवाई के बाद इन मतदाताओं का नाम सूची से जोड़ा जाएगा।