हाफ शर्ट या टीशर्ट में बाहर निकलना खतरनाक, मौसम कर रहा सेहत पर हमला, फैल रही खांसी-खराश की बीमारियां
प्रयागराज में एक सप्ताह में 500 से अधिक लोग छाती में संक्रमण और गले की खराश से पीड़ित होकर अस्पताल पहुंचे। एसआरएन अस्पताल के डॉक्टरों ने लोगों को सलाह ...और पढ़ें

बदलते मौसम में प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में मरीज व तीमारदारों की भीड़। जागरण
HighLights
तापमान में उतार-चढ़ाव से एक सप्ताह में 500 लोगों को छाती में संक्रमण व गले में खराश समस्या
प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल के डॉक्टर बोले- मौसम काे अभी मामूली समझने की न करें गलती
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। अगर आप अपनी सेहत को लेकर निश्चिंत हैं तो इस मौसम में बड़ी भूल कर रहे हैं। इस बात का ध्यान रखिए कि मौसम नरम होने के साथ हमलावर भी है। इसी हमले का शिकार हो रहे हैं बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग। बीते एक सप्ताह में 500 से अधिक लोगों को छाती में संक्रमण और गले में खराश की समस्या तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते हुई।
स्वेटर व जैकेट पहनने की सलाह
शुक्रवार को अस्पताल आए महेंद्र प्रताप, सुशील कुमार सिंह, मो. सुलेमान, रशीदा और ममता देवी आदि मरीजों की सेहत पर मौसम का प्रहार हुआ था। डाॅक्टरों ने इन्हें आराम करने तथा दूसरे लोगों को स्वेटर, जैकेट का मोह न छोड़ने का परामर्श दिया है।
एसआरएन व काल्विन अस्पताल की ओपीडी में मरीज
शहर के सबसे बड़े अस्पताल स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय में डाॅ. कृतांक मिश्रा और डाॅ. आनंद कुमार सिंह की ओपीडी में मौसमी दुष्प्रभाव वाले 50 से अधिक मरीज आए। मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय 'काल्विन' में फिजीशियन के पास आए तुफैल अहमद, सरोजनी और लवकुश ने बताया कि खांसी नहीं रुक रही है। पहले से कोई बीमारी नहीं है। गले में दर्द भी हो रहा है। ज्योति की समस्या रही कि छाती में जकड़न हो गई है। खांसते हैं तो बलगम आता है।
पैथालॉजी लैब में जांच के लिए लगी कतार
ज्यादातर लोगों का डाॅक्टर चेकअप करा रहे हैं ताकि भीतर संक्रमण का स्तर पता चल सके। अस्पतालों की पैथालॉजी में जांच कराने के लिए मरीजों और शुल्क जमा करने वाली विंडो पर तीमारदारों की लंबी कतार लगी रही। अब तक जो भी रिपोर्ट आई उसमें डाॅक्टरों ने मरीजों को परेशानी मौसम के चलते दुष्प्रभाव से होने की जानकारी देते हुए दवाएं लिखीं।
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ऐसे मौसम में लापरवाही खतरनाक
इन दिनों जिस तरह का मौसम है युवाओं ने इसमें हाफ शर्ट या टी शर्ट पहनना शुरू कर दिया है। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के फिजीशियन डा. मनोज माथुर ने कहा है कि मौसम काे अभी मामूली समझना गलती होगी। आपका शरीर स्वस्थ है लेकिन ठंडी हवा से भीतर का तापमान अचानक बदलने पर लोग बीमार पड़ जाते हैं। ज्यादातर लोग इसी तरह की परेशानी वाले अस्पताल आ रहे हैं।