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    पति की मौत के बाद दूसरी शादी कर ली फिर भी लेती रहीं विधवा पेंशन, निराश्रित महिला योजना में फर्जीवाड़ा

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Tue, 17 Feb 2026 05:11 PM (IST)

    प्रयागराज में निराश्रित महिला योजना में धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है, जिसमें लगभग दो हजार महिलाओं ने अवैध रूप से विधवा पेंशन प्राप्त की। इनमें से कई महिल ...और पढ़ें

    प्रयागराज में विधवा पेंशन योजना में बड़ा घोटाला अधिकारियों की पकड़ में आया है।

    प्रयागराज में विधवा पेंशन योजना में बड़ा घोटाला अधिकारियों की पकड़ में आया है।

    HighLights

    1. करीब दो हजार महिलाएं कानून को ताक पर रख अवैध रूप से ले रहीं पेंशन

    2. प्रयागराज जिले में एक लाख से अधिक विधवा पेंशन की लाभार्थी हैं महिलाएं

    अमरीश मनीष शुक्ल, प्रयागराज। संगम नगरी में 'निराश्रित महिला योजना' (विधवा पेंशन) में एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसने जिला प्रशासन और प्रोबेशन विभाग के होश उड़ा दिए हैं। जिले में करीब दो हजार महिलाएं ऐसी पाई गई हैं जो कायदे-कानून को ताक पर रखकर अवैध रूप से पेंशन का लाभ ले रही थीं।

    मांग में फिर सजा सिंदूर, बता रहीं विधवा 

    चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें 100 से अधिक महिलाएं ऐसी हैं जिन्होंने पति की मौत के बाद दोबारा अपना घर बसा लिया, मांग में सिंदूर सज गया लेकिन सरकारी कागजों में वे आज भी खुद को विधवा बताकर पिछले पति के नाम पर पैसा वसूल रही थीं।

    सत्यापन में हुआ खुलासा 

    जिला प्रोबेशन विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कराए गए भौतिक सत्यापन ने यह खुलासा किया हैं। जांच में सामने आया कि कुल 1,939 महिलाएं अपात्र हैं। खेल सिर्फ दूसरी शादी तक सीमित नहीं था। जांच टीम जब लाभार्थियों के घर पहुंची तो पता चला कि कई महिलाएं सालों पहले परलोक सिधार चुकी हैं, लेकिन उनके खातों में पेंशन की राशि धड़ल्ले से जा रही थी। वहीं, सैकड़ों महिलाएं विस्थापित होकर दूसरे राज्यों में जा चुकी हैं या गरीबी रेखा से ऊपर होने के बावजूद सरकारी खजाने पर डाका डाल रही थीं।

    हर ब्लाक में गड़बड़ी

    जांच में खुलासा हुआ कि यह गड़बड़ी जिले के किसी एक कोने में नहीं, बल्कि हर ब्लाक में फैली है। हंडिया ब्लाक अपात्रों की सूची में सबसे ऊपर है। सोरांव में धांधली के मामले में दूसरे पायदान पर। अन्य ब्लाकों में फूलपुर, बारा, मेजा, करछना, मऊआइमा और श्रृंगवेरपुर जैसे इलाकों में भी बड़ी संख्या में फर्जी लाभार्थी मिले।

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    क्या बोले जिला प्रोबेशन अधिकारी?

    जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह का कहना हे कि नियम स्पष्ट है, यदि कोई विधवा दूसरी शादी करती है, विस्थापित हो जाती हैं तो उसे तत्काल विभाग को सूचित कर पेंशन रुकवानी चाहिए। जिन पेंशनर्स का निधन हो जाए, उनके स्वजन भी तत्काल इसकी सूचना विभाग में उपलब्ध कराकर पेंशन बंद कराएं। फिलहाल गरीबी रेखा के ऊपर रहने वाली से लेकर विस्थापित, दूसरी शादी कर चुकी व मृतक महिलाओं को अपात्र घोषित कर उनकी पेंशन तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है।

    अजीब तर्क-  'पैसे आ रहे थे, तो हमने ले लिए'

    जब विभाग की टीम ने दूसरी शादी कर चुकी महिलाओं के घर पहुंची, तो उनके तर्क और भी हैरान करने वाले थे। कई महिलाओं ने मासूमियत का चोला ओढ़ते हुए कहा, "हमें पता ही नहीं था कि शादी के बाद पेंशन बंद करानी होती है। खाते में पैसे आ रहे थे, तो हमने निकाल लिए।" फिलहाल, जिले में 1,02,160 महिलाओं को 1,000 रुपये प्रतिमाह की दर से पेंशन दी जा रही है। सत्यापन प्रक्रिया पुन: शुरू कर दी गई है।

    प्रयागराज में दो हजार अपात्र फिर भी बढ़ रहा आंकड़ा

    तिमाही     कुल पेंशनर्स     कुल धनराशि

    पहली      96,507          28,93,12,000

    दूसरी      99,265         30,02,19,000

    तीसरी    102,160        31,99,57,000

    चौथी      होली पर जारी होगी।  

    मंडल में पेंशनर्स की स्थिति और दी जा रही पेंशन राशि

    जिला        कुल पेंशनर्स      कुल धनराशि

    प्रतापगढ़     62,245         19,19,20,000

    कौशांबी      29,275          9, 03,16,000

    फतेहपुर      56,859         17,66,73,000

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