रेलवे कर्मचारियों के 21 साल से अधिक उम्र के अनमैरिड बेटों को भी मिलेगा मुफ्त इलाज, आयु सीमा खत्म
भारतीय रेलवे के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के 21 वर्ष से अधिक आयु के अविवाहित बेटों को अब बिना किसी अधिकतम आयु सीमा के उम्मीद कार्ड के जरिए चिकित्सा ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
21 वर्ष से अधिक अविवाहित बेटों को मिलेगी चिकित्सा सुविधा।
उम्मीद कार्ड के जरिए बिना आयु सीमा के मिलेगा लाभ।
अविवाहित, आश्रित और एक ही पते पर निवास अनिवार्य।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भारतीय रेलवे के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के 21 वर्ष से अधिक आयु के अविवाहित बेटों को अब बिना किसी अधिकतम आयु सीमा के उम्मीद (यूनिक मेडिकल आइडेंटिफिकेशन) कार्ड के जरिए मेडिकल सुविधाएं मिलती रहेंगी।
पहले 21 वर्ष की आयु पूरी कर चुके बेटों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पाता था। लेकिन अब वह रेलवे व सूचीबद्ध अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधा का लाभ उठा सकेंगे, यानी इलाज करा सकेंगे। इसके लिए तीन शर्त अनिवार्य की गई है-पहला, बेटा पूर्णतः अविवाहित होना चाहिए।
चिकित्सा अधिकारियों को मिले जरूरी दिशा निर्देश
दूसरा, वह पूरी तरह से संबंधित रेलवे कर्मचारी या पेंशनभोगी पर ही आश्रित होना चाहिए। तीसरा, उसका निवास स्थान भी कर्मचारी या पेंशनभोगी के साथ एक ही पते पर होना चाहिए। तीन अगस्त को इसके लिए रेलवे ने स्पष्टीकरण जारी कर नियमों की व्याख्या की है। साथ ही निर्देश दिया है कि कर्मचारी उम्मीद पोर्टल पर आश्रित बेटे का स्टेटस अपडेट करें और आवश्यक घोषणा पत्र व दस्तावेज कार्मिक विभाग में जमा कराएं।
आश्रित का विवाह होने या पता बदलने की जानकारी अपडेट भी करानी होगी। यदि सत्यापन के दौरान कोई गलत जानकारी या तथ्य छिपाने की बात सामने आती है, तो संबंधित लाभार्थी की मेडिकल सुविधाएं तत्काल प्रभाव से रद कर दी जाएंगी और दोषी कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार सख्त विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
चिकित्सा अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे इलाज देते समय पात्रता शर्तों का पूरा ध्यान रखें और किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत रिकॉर्ड की जांच कराएं।
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