रेलवे ने निजी मालगाड़ियों को मिलने वाली 2% भाड़ा छूट के बदले नियम, अब परफॉरमेंस के आधार पर मिलेगी रियायत
रेलवे बोर्ड ने निजी मालगाड़ियों के विशेष डिब्बों पर मिलने वाली 2% मालभाड़ा छूट के नियम सख्त कर दिए हैं। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
निजी मालगाड़ियों पर 2% मालभाड़ा छूट के नियम सख्त।
छूट पाने को हर साल क्षमता साबित करनी होगी।
31 मार्च को होगी छूट की वार्षिक समीक्षा।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। मालगाड़ियों के जरिए कोयला, सीमेंट, स्टील, कार-ट्रैक्टर और केमिकल्स जैसे भारी सामान भेजने वाले व्यापारियों और उद्योगों के लिए बड़ी खबर है। रेलवे बोर्ड ने निजी मालगाड़ियों के विशेष डिब्बों (वैगन) पर मिलने वाली दो प्रतिशत की अतिरिक्त मालभाड़ा छूट (डिस्काउंट) का नियम सख्त कर दिया है। अब यह छूट कंपनियों को आसानी से नहीं मिलेगी, बल्कि उन्हें हर साल रेलवे के ट्रैक पर अपनी परफॉरमेंस साबित करनी होगी।
रेलवे बोर्ड द्वारा 27 जुलाई को जारी नए आदेश के तहत 'लिबरलाइज्ड स्पेशल फ्रेट ट्रेन ऑपरेटर' (एलएसएफटीओ) नीति में बड़ा बदलाव किया गया है। इस डिस्काउंट की हर साल 31 मार्च को समीक्षा की जाएगी। जब बड़ी कंपनियां रेलवे के ट्रैक पर अपने विशेष डिब्बे (हाई कैपेसिटी वैगन) चलाती हैं, तो अधिक माल ढोने के बदले रेलवे उन्हें भाड़े में दो प्रतिशत की छूट देता है।
नए नियम के तहत अगर किसी कंपनी के वैगन रेक की माल ढोने की क्षमता रेलवे के सामान्य डिब्बों की तुलना में 10 प्रतिशत से अधिक पाई जाती है, तभी उसे अगले एक साल के लिए 'हाई कैपेसिटी' का दर्जा मिलेगा और दो प्रतिशत छूट जारी रहेगी, अन्यथा नहीं।
देश में वर्तमान में 662 से अधिक निजी मालगाड़ी रेक संचालित हैं। इनके जरिए कंपनियां कोयला, लोहा, सीमेंट, चूना पत्थर, फ्लाई ऐश और स्टील के कॉइल, कारें, दोपहिया वाहन, ट्रैक्टर, उर्वरक (खाद), कास्टिक सोड़ा और पेट्रोलियम, अनाज, चीनी, खाद्य तेल और एक्सपोर्ट-इंपोर्ट का सामान ढो रही हैं।
खबरें और भी
निदेशक प्रतिभा पाल (फ्रेट मार्केटिंग) ने बताया कि अब तक कंपनियां दो प्रतिशत छूट को स्थायी मानकर अपनी माल ढुलाई का सालाना बजट तय करती थीं। यह छूट परफॉरमेंस आधार पर ही अब मिलेगी।
यह भी पढ़ें- शिवभक्तों के लिए रेलवे की सौगात: श्रावणी मेला के दौरान सुल्तानगंज स्टेशन पर रुकेंगी 6 और एक्सप्रेस ट्रेनें