रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण का सूतक रहेगा या नहीं, राखी कब बांधी जाए? इसे लेकर भ्रमित न हों, ज्योतिषाचार्य दूर कर रहे शंका
इस साल रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा, जिस दिन चंद्रग्रहण भी है। हालांकि, ज्योतिषाचार्यों के अनुसार भारत में इसका कोई प्रभाव नहीं होगा और बहनें दिनभर राखी बांध सकेंगी।

रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण का प्रभाव नहीं रहेगा, बिना विघ्न के दिन भर राखी बांधी जा सकती है।
HighLights
28 अगस्त को मनाया जाएगा भाई और बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन
सुबह 8.04 बजे से शुरू होकर दिन में 11.22 बजे तक रहेगा चंद्रग्रहण
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भाई-बहन के आत्मीय स्नेह, विश्वास और अपनत्व का पर्व रक्षाबंधन निकट है। सावन की पूर्णिमा तिथि पर 28 अगस्त को पर्व मनाया जाएगा। भाई की कलाई पर राखी बांधकर बहनें उनकी लंबी आयु, सुख-समृद्धि की कामना करेंगी। वहीं, भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देकर स्नेह व्यक्त करेंगे।
चंद्रग्रहण का भारत में प्रभाव नहीं
सनातन धर्मावलंबियों के इस पर्व पर अबकी ग्रहण का साया रहेगा। रक्षाबंधन वाले दिन चंद्रग्रहण पड़ रहा है। इसे लेकर हर किसी में असमंजस की स्थिति है। चंद्रग्रहण का सूतक रहेगा अथवा नहीं? राखी कब बांधी जाय? इसे लेकर लोग भ्रमित हैं। इसे देखते हुए सनातन धर्म के मर्मज्ञों ने स्पष्ट कर दिया है कि चंद्रग्रहण का भारत में कोई प्रभाव नहीं रहेगा। श्रावणी (सावन) पूर्णिमा पर दिनभर बिना किसी विघ्न के राखी बांधी जा सकती है।
भद्रा न होने से 28 अगस्त को दिनभर राखी बांधें
ज्योतिर्विद आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के अनुसार श्रावणी पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह 8.32 बजे से लगकर 28 अगस्त की सुबह 9.19 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के कारण पूर्णिमा का प्रभाव 28 अगस्त को दिनभर रहेगा। इसी तारीख को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। सूर्य व बुध का सिंह राशि में संचरण होने से बुधादित्य योग बन रहा है। शतभिषा नक्षत्र होना पुण्यकारी है। भद्रा का प्रभाव न होने से 28 अगस्त को दिनभर राखी बांधी जा सकेगी। उन्होंने बताया कि चंद्रग्रहण 28 अगस्त की सुबह 8.04 बजे से शुरू होकर दिन में 11.22 बजे समाप्त होगा। इसका प्रभाव भारत में नहीं रहेगा। ऐसे में सूतक नहीं मना जाएगा।
दिन में नहीं रहता चंद्रग्रहण का प्रभाव
पाराशर ज्योतिष संस्थान के निदेशक आचार्य विद्याकांत पांडेय के अनुसार चंद्रग्रहण 28 अगस्त की सुबह 8.04 बजे शुरू होगा। उस समय सूर्य उदय रहेंगे अर्थात दिन रहेगा। ग्रहण चंद्रमा में पड़ रहा है, जो रात में निकलते हैं। इसी कारण भारत में चंद्रग्रहण का प्रभाव नहीं रहेगा। यूक्रेन, तुर्की, सउदी अरब, यमन, रूस के पश्चिमी भाग, हिंद महासागर, दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका के पूर्वी भाग में दिखेगा। बहनें बिना सूतक की बाधा के भाई को राखी बांध सकती हैं।
