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    Ramvan Gaman Path के रास्ते में कटेंगे 2300 पेड़, पांचवें और अंतिम चरण के 35 किमी में जल्द शुरू होगा निर्माण

    By Gyanendra Singh Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 02 Aug 2026 03:17 PM (IST)

    अयोध्या से चित्रकूट तक रामवन गमन पथ परियोजना का पांचवां और अंतिम चरण जल्द शुरू होगा, जिसमें 35 किमी सड़क निर्माण के लिए 2300 पेड़ काटे जाएंगे। यह मार् ...और पढ़ें

    रामवन गमन पथ परियोजना अब अंतिम चरण में है।

    रामवन गमन पथ परियोजना अब अंतिम चरण में है।

    HighLights

    1. अंतिम चरण में चित्रकूट क्षेत्र रामपुरिया गांव से कर्बी के पास एनएच निर्माण होगा

    2. अयोध्या से चित्रकूट तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा को सुगम बनाने की तैयारी 

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। अयोध्या से चित्रकूट तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा को सुगम बनाने के उद्देश्य से बनाई जा रही महत्वाकांक्षी रामवन गमन पथ परियोजना अब अपने अंतिम चरण में प्रवेश करने जा रही है। प्रतापगढ़ के मोहनगंज से कर्वी बनने वाले रामवन गमन मार्ग की दूरी 147 किलोमीटर है। इसके निर्माण में लगभग 2500 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च हो रही है। इस परियोजना के पांचवें और अंतिम फेज का निर्माण कार्य अक्टूबर से नवंबर के आसपास शुरू होने की संभावना है। इससे पहले परियोजना के चार चरणों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।

    वन विभाग व एजेंसियां पेड़ काटेंगी 

    अंतिम चरण में चित्रकूट क्षेत्र रामपुरिया गांव से कर्बी के पास एनएच लगभग 35 किलोमीटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इस हिस्से में सड़क निर्माण की जद में लगभग 2300 पेड़ आ रहे है, जिनकी कटाई की जाएगी। संबंधित विभागों ने पेड़ों की गणना और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। जल्द ही वन विभाग और संबंधित एजेंसियों पेड़ों की कटाई का कार्य शुरू करा देंगी।

    खास-खास

    210 किलोमीटर है कुल दूरी

    2500 करोड़ की धनराशि खर्च होगी

    35 किमी में पांचवें फेज का होगा निर्माण

    पेड़ कटाई को लेकर पर्यावरण संरक्षण पर उठे सवाल 

    बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई को लेकर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सवाल भी उठ रहे हैं। ऐसे में संबंधित विभागों का कहना है कि पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए प्रतिपूरक पौधरोपण की योजना भी लागू की जाएगी, ताकि हरित क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सके। 

    सुविधाजनक होगा आवागमन 

    रामवन गमन पथ परियोजना का उद्देश्य भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़े ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ना है। इस मार्ग के निर्माण से अयोध्या, प्रतापगढ़, प्रयागराज, कौशांबी और चित्रकूट के बीच आवागमन अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा।

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    बोले, एनएच के अधिशासी अभियंता  

    एनएच के अधिशासी अभियंता रवींद्रपाल सिंह का कहना है कि रामवन गमन पथ पूरा होने के बाद अयोध्या से चित्रकूट तक की यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान और कम समय में पूरी की जा सकेगी। यह परियोजना धार्मिक पर्यटन के साथ ही क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही अंतिम चरण को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी तेज कर दी गई है।

    अब तक चार फेज एक 

    पहला फेज - मोहनगंज से जेठवारा और औतारपुर

    दूसरा फेज - औतारपुर से शृंगवेरपुर उपरहार

    तीसरा फेज - शृंगवेरपुर से बरनपुर कादीपुर इचौली,

    चौथा फेज - बरनपुर कादीपुर इचौली से रामपुरिया

    पांचवां फेज रामपुरिया से कर्वी

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