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    सावन के दूसरे सोमवार पर शिवलिंग पूजा विधि, शिवलिंग पर क्या अर्पित करें और क्या चढ़ाना है वर्जित? बता रहे ज्योतिर्विद

    By Sharad Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 09 Aug 2026 07:34 PM (IST)

    सावन के दूसरे सोमवार को आद्रा नक्षत्र और सोम प्रदोष के दुर्लभ संयोग में श्रद्धालु भोलेनाथ की पूजा कर रहे हैं। ज्योतिर्विद ने शिवलिंग पर कटे-फटे बेलपत् ...और पढ़ें

    प्रयागराज में छतनाग घाट स्थित नागेश्वर महादेव मंदिर एवं शिवलिंग। जागरण

    प्रयागराज में छतनाग घाट स्थित नागेश्वर महादेव मंदिर एवं शिवलिंग। जागरण

    HighLights

    1. आद्रा नक्षत्र, सोम प्रदोष के दुर्लभ संयोग में भोलेनाथ के दरबार में जुटेंगे श्रद्धालु,

    2. श्रावण मास का दूसरा सोमवार 10 अगस्त को, शिवालयों व घरों में होंगे अनुष्ठान

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। श्रावण (सावन) के महीना में शिवमय माहौल है। भगवा वस्त्र धारण करके कांवरिया हर-हर बम-बम का उद्घोष करते हुए गंगा के पवित्र जल में डुबकी लगाकर काशी विश्वनाथ व बाबा बैजनाथ धाम के लिए रवाना हो रहे हैं। आमजन भी भगवान शिव की भक्ति में लीन है।

    भगवान शिव को रिझाकर मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए श्रद्धालु शिवालयों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक कर रहे हैं। वहीं, घरों में भी रुद्राभिषेक करवाया जा रहा है। इसके बीच सावन का दूसरा सोमवार आज है। आद्रा नक्षत्र, सोम प्रदोष का दुर्लभ संयोग है। इसके साथ सुबह 7.53 बजे गुरु का उदय होना कल्याणकारी माना जा रहा है।

    शिव स्तुति के लिए सावन के सोमवार का विशेष महत्व होता है। गंगा व संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाकर श्रद्धालु शिवालय व घरों में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जप आदि का अनुष्ठान कराते हैं।शिवालयों में भोर से श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग जाएगी।

    श्री मनकामेश्वर महादेव, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, दशाश्वमेध महादेव, शिवकोटि, सोमेश्वरनाथ, तक्षकतीर्थ बड़ा शिवालय, पंचमुखी महादेव, पांडेश्वरनाथ महादेव, लोकनाथ महादेव सहित हर शिवालय में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक करने वालों की भीड़ जुटेगी। दिनभर जलाभिषेक के बाद शाम को शिवलिंग का श्रृंगार किया जाएगा। शिवभक्त कांवरियों का जत्था रविवार को तीर्थराज प्रयाग पहुंचने लगे।

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    दारागंज, अलोपीबाग, कीडगंज, बैरहना में बने आश्रमों में आसरा लिया। सोमवार की सुबह स्नान के बाद वह शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे।वहीं, काफी श्रद्धालु ''हर-हर बम-बम.., हर हर महादेव..'' का उद्घोष करते हुए बाबा विश्वनाथ का अभिषेक करने काशी और बाबा बैजनाथ धाम जाएंगे। 

    आचार्य विद्याकांत ने पूजन की विधि बताई

    पाराशर ज्योतिष संस्थान के निदेशक आचार्य विद्याकांत पांडेय के अनुसार सोमवार के व्रत में कच्चा दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से पंचामृत अभिषेक करना चाहिए। शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, आक का फूल, भांग, सफेद चंदन, सफेद पुष्प, अक्षत, जनेऊ, मौसमी फल और मिष्ठान अर्पित करना चाहिए। बेलपत्र कटा-फटा नहीं होना चाहिए। शिव चालीसा का पाठ करना पुण्यकारी होता है। व्रती व्यक्ति प्याज-लहसुन का सेवन करने से बचें। व्रत में ब्रह्मचर्य का पालन करना अनिवार्य है। 

    न चढ़ाएं तुलसी की पत्ती

    उन्होंने बताया कि शिवलिंग पर हल्दी, सिंदूर, केतकी का फूल, तुलसी की पत्ती और नारियल का पानी अर्पित नहीं करना चाहिए। शिव पूजा में इनका उपयोग नहीं किया जाता। श्रावण के सोमवार पर शिव पूजा से ग्रह दोषों की शांति, मानसिक तनाव में कमी और परिवार में सुख-शांति का वास होता है।

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