Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    प्रयागराज में शांतिपुरम वार्ड के पार्षद के भाई ने फंदे से लटककर दी जान, हत्या की वजह तलाश रही पुलिस

    By rajendra yadav Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 01 Mar 2026 01:30 PM (IST)

    प्रयागराज में शांतिपुरम वार्ड 37 के पार्षद सुरेंद्र यादव के भाई अजीत यादव ने रविवार सुबह अपने प्लाट पर बने कमरे में फंदे पर लटकते मिले। पुलिस को सुसाइ ...और पढ़ें

    प्रयागराज के शांतिपुरम वार्ड में युवक ने फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली।

    प्रयागराज के शांतिपुरम वार्ड में युवक ने फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। 

    HighLights

    1. फाफामऊ पुलिस को घरवाले नहीं बता सके आत्महत्या की वजह

    2. कमरे में सुसाइड नोट भी नहीं मिला, पुलिस जांच-पड़ताल कर रही

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शांतिपुरम वार्ड 37 के पार्षद सुरेंद्र यादव के 35 वर्षीय भाई अजीत यादव ने रविवार सुबह फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। फाफामऊ पुलिस में घरवालों से पूछताछ की, लेकिन वह कोई कारण नहीं बता सके। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।

    फाफामऊ के मोरहू गांव निवासी थे अजीत 

    फाफामऊ थाना क्षेत्र के मोरहूं गांव निवासी अजीत यादव पार्षद सुरेंद्र यादव के बड़े भाई थे। वह खेती-किसानी करते थे। रविवार सुबह घर से निकले और अपने प्लाट पर पहुंचे। यहां उन्होंने एक कमरा बनवाया था। काफी देर तक जब वह घर नहीं लौटे तो स्वजन ने उन्हें फोन लगाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

    फोरेंसिक टीम ने भी जांच-पड़ताल की 

    घरवाले जब प्लाट पर पहुंचे और कमरे में दाखिल हुए तो अजीत की फंदे से लाश लटक रही थी। पलभर में लोगों की भीड़ जुट गई। फाफामऊ पुलिस के साथ ही फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच पड़ताल की गई और फिर लाश को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया।

    थाना प्रभारी बोले- कोई वजह तो थी आत्महत्या की 

    थाना प्रभारी अश्वनी सिंह का कहना है कि कमरे में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घरवाले भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं। हालांकि कोई वजह तो थी जिस कारण अजीत में खुदकुशी की है। मामले की जांच की जा रही है। उधर ग्रामीणों ने बताया कि अजीत के तीन बच्चे हैं, जिसमें दो पुत्र और एक पुत्री है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- होली अवकाश में मु्ख्यालय नहीं छोड़ेंगे UP Board परीक्षा ड्यूटी में लगे अधिकारी-कर्मचारी, DIOS को सख्त निर्देश

    यह भी पढ़ें- दीपावली के बाद अब रोजगार सेवकों की होली भी रहेगी फीकी, सात से आठ माह तक का भुगतान हैं लंबित