SIR in UP : तार्किक विसंगति वाले वोटरों के घर जाकर दस्तावेज लेंगे बीएलओ, निर्वाचन आयोग ने इन्हें सुनवाई से दी थी छूट
SIR in UP प्रयागराज में मतदाता सूची के पुनरीक्षण में 7.74 लाख तार्किक विसंगति वाले मतदाता पाए गए। इनके नाम, सरनेम या पिता के नाम में त्रुटियाँ हैं। नि ...और पढ़ें

SIR in UP तार्किक त्रुटि वाले मतदाताओं को राहत, घर जाकर दस्तावेज बीएलओ लेंगे।
HighLights
प्रयागराज जनपद में लगभग पौने आठ लाख तार्किक विसंगति वाले हैं मतदाता
इन वोटरों के नाम, सरनेम या पिता के नाम में त्रुटि आयोग के साफ्टवेयर ने पकड़ी थी
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। SIR in UP मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के दौरान जिले में 7.74 लाख तार्किक विसंगति (लाजिकल) एरर वाले मतदाता मिले हैं। इन मतदाताओं के नाम, सरनेम अथवा पिता के नाम में त्रुटि है। ये गड़बड़ी निर्वाचन आयोग के साफ्टवेयर ने पकड़ी थी, जिसे लाजिकल एरर कहा गया है।
SIR in UP एसआइआर अभियान के दौरान तैयार की गई अनंतिम मतदाता सूची में नई तरह की गड़बड़ी सामने आने पर जिले में लगभग 7.74 लाख मतदाताओं के सरनेम और पिता के नामों में फर्क आ गया था। इन लाजिकल एरर वोटर को भी नोमैपिंग वाले मतदाताओं की श्रेणी में शामिल किया गया है। अब इन मतदाताओं के घर जाकर बीएलओ संबंधित दस्तावेज लेंगे। तीन दिन पहले निर्वाचन आयोग ने इन वोटर्स को बड़ी राहत देते हुए सुनवाई से छूट देने की घोषणा की थी।
SIR in UP एसआइआर अभियान के दौरान पहले जिले में 2.87 लाख नोमैपिंग वाले वोटर्स चिह्नित हुए थे। छह जनवरी को मतदाता सूची के आलेख्य प्रकाशन के बाद 18 जनवरी को लाजिकल एरर वोटर्स की सूची भी आ गई, जिनकी संख्या लगभग 7.74 लाख हो गई। इस तरह से लगभग 10.62 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजने का लक्ष्य प्रशासन के सामने आ गया।
SIR in UP इसके मुताबिक वर्ष 2003 की मतदाता सूची में जो गड़बड़ी थी, उसमें नाम, सरनेम और पिता के नाम में ज्यादा गड़बड़ी थी। उदाहरण के तौर पर राकेश कुमार सिंह के पिता का नाम अशोक मौर्य हो गया। इसी तरह कुलदीप आदिवासी के पिता के नाम में सरनेम ही नहीं है। यही नहीं एक ही परिवार के सदस्यों के सरनेम में भी साफ्टवेयर ने गड़बड़ी पकड़ी। जैसे पोते, पिता और दादा के सरनेम गड़बड़ हो गए।
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इसके चलते वर्ष 2003 और 2025 की मतदाता सूची में साफ्टवेयर मिलान (मैचिंग) नहीं कर पा रहा था। उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम पूजा मिश्रा ने बताया कि लाजिकल एरर (तार्किक विसंगति) वाले मतदाताओं को सुनवाई से छूट मिली है, साथ ही अब उन्हें जवाब देने के लिए बूथ पर नहीं जाना है। बीएलओ ऐसे वोटर्स के घर जाएंगे और जवाब के साथ संबंधित दस्तावेज लेंगे।
लाजिकल एरर वाले वोटर्स दस्तावेज में आधार, खतौनी अथवा राशन कार्ड आदि दे सकते हैं। बताया कि ऐसे मतदाता जिनका आलेख्य निर्वाचन नियमावली में नाम शामिल है और जिनकी मैपिंग तो हुई है मगर उनके पिता के वर्ष 2003 से वर्ष 2025 की सूची में वर्तनी में (नाम में) अशुद्धि होने के कारण पिता का नाम मिसमैच कर रहा है तो उन्हें केवल जवाब देना है, सुनवाई से इन्हें छूट है।
इसी तरह ऐसे व्यक्ति जिनकी छह मतदाताओं से मैपिंग हुई है (प्रोगेन्सी-छह), ऐसे मतदाता जिनके माता-पिता की उम्र में 15 साल से कम का अंतर (पैरेंट एज डिफरेंस-15) है, ऐसे वोटर जिनके माता-पिता की उम्र में 50 वर्ष से अधिक का अंतर है (पैरेंट एज डिफरेंस 50) या ऐसे मतदाता जिनके दादा-दादी की उम्र में 40 वर्षों का अंतर है (ग्रैंड पैरेंट एज डिफरेंस-40) आदि तार्किक विसगंतियों के कारण नोटिस जारी किया गया है, उन मतदाताओं द्वारा बीएलओ को सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा दिया जाता है तो सुनवाई में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है।
विधानसभा क्षेत्र ----------- लाजिकल एरर वोटर्स
फाफामऊ --------------- 62560
सोरांव ----------------- 75678
फूलपुर --------------- 91746
प्रतापपुर --------------- 68146
हंडिया ---------------- 68810
मेजा ----------------- 72491
रछना --------------- 84649
इलाहाबाद पश्चिम ------ 141855
इलाहाबाद उत्तर -------- 118575
इलाहाबाद दक्षिण --------- 128529
बारा ----------------- 77572
कोरांव --------------- 71824
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