TET की अनिवार्यता के विरोध में एकजुट हुए शिक्षक, प्रदेश के सभी जिलों में 13 अप्रैल को निकालेंगे मशाल जुलूस
उत्तर प्रदेश के शिक्षक टीईटी (TET) की अनिवार्यता के विरोध में एकजुट हो गए हैं। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के नेतृत्व में 13 अप्रैल को प्रयागराज ...और पढ़ें

टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों ने प्रयागराज में मशाल जुलूस निकालने का निर्णय लिया है।
HighLights
अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले शिक्षक जताएंगे आक्रोश
प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर अनिवार्यता खत्म करने की मांग करेंगे
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किए जाने के विरोध में प्रदेश भर के शिक्षक अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले 13 अप्रैल को जिला मुख्यालयों पर मशाल जुलुस निकालेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारियो को सौंपकर अध्यादेश लाकर टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग करेंगे।
टीईटी उत्तीर्ण करने को बाध्य करना अनुचित
महासंघ के प्रदेश संयोजक अनिल यादव ने कहा है कि आरटीई एक्ट (शिक्षा का अधिकार) अधिनियम-2009 लागू होने से पहले जिन महिला/पुरुष शिक्षकों ने निर्धारित योग्यता के आधार पर नौकरी प्राप्त की थी, उन्हें 20 से 25 वर्ष की सेवा के बाद टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए बाध्य किया जाना उचित नहीं है। अधिकांश ऐसे शिक्षकों की आयु 50 वर्ष के आसपास है और अब उन पर पारिवारिक व सामाजिक जिम्मेदारियां अधिक हैं। ऐसे में उन्हें अपने बच्चों की उम्र के अभ्यर्थियों के साथ परीक्षा देने के लिए मजबूर करना न्यायसंगत नहीं है।
अभियान में कई संगठनों का समर्थन
उन्होंने कहा है कि इस अभियान को कई शिक्षक संगठनों का समर्थन प्राप्त है, जिनमें प्राथमिक शिक्षक संघ, अटेवा, विशिष्ट बीटीसी संघ, उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, यूटा, एससी-एसटी शिक्षक संघ, शिक्षामित्र संघ, अनुदेशक संघ, उर्दू शिक्षक कर्मचारी संघ, महिला मोर्चा तथा विशेष शिक्षक एसोसिएशन सहित अन्य संगठन शामिल हैं। सभी संगठन मिलकर मशाल जुलुस निकाल कर टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग तेज करेंगे।