प्रयागराज में दिल दहला देने वाली वारदात, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की निर्मम हत्या
प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की नृशंस हत्या कर दी गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ मौके प ...और पढ़ें

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस की टीम।
HighLights
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की निर्मम हत्या।
प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र में हुई वारदात।
पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ मामले की जांच कर रही।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। एक बार फिर सामूहिक हत्याकांड की घटना से सनसनी फैल गई। यमुनानगर के मेजा थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की नृशंस हत्या कर दी गई।
मेजा थाना क्षेत्र के कुकुरकटवा गांव निवासी 55 वर्षीय किसान श्यामलाल गुप्ता उर्फ कल्लू, उनकी भाभी 55 वर्षीय इंद्रावती, 52 वर्षीय अमरावती कच्चे मकान में सो रहे थे।
देर रात अज्ञात लोगों ने घर के बाहर ईंट-पत्थर से कूचकर हत्या कर दी। मकान के बाहर अलग-अलग स्थान पर खून से लथपथ लाश मंगलवार सुबह देख ग्रामीणों में सनसनी फैल गई।
पुलिस कमिश्नर सहित कई अफसर पहुंचे
थोड़ी ही देर में पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार, एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था अजय पाल शर्मा, डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव फोरेंसिक और डाग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंचकर छानबीन की। इस दौरान पता चला कि कुकुरकटवा गांव निवासी हिमांशु यादव उर्फ सनी पुत्र बुल्ले पूर्व में श्यामलाल और उनके परिवार वालों को परेशान करते हुए धमकी दे रहा था।
मृतक परिवार की एक लड़की पर शादी का दबाव बना रहा था
मृतक परिवार की एक लड़की पर शादी का दबाव बना रहा था। इसको लेकर विवाद हुआ था, लेकिन ग्राम प्रधान ने समझौता करा दिया था। श्यामलाल के रिश्तेदार लोकपति ने हिमांशु और उसके अज्ञात साथियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
रिश्तेदारों ने यह भी आरोप लगाया कि धमकी के बाद शिकायत की गई थी, लेकिन दारोगा ने सही ढंग से जांच नहीं की। उस दारोगा को भी निलंबित किए जाने की बात कही जा रही है।
डीसीपी ने कही ये बात
डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव का कहना है कि तहरीर के आधार पर हिमांशु के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए कार्रवाई की जा रही है। प्रथम दृष्टया प्रेम प्रसंग के चलते हत्या किए जाने की बात सामने आ रही है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। उधर, इस हत्याकांड से पहले साउथ मलाका कोतवाली में एक ही परिवार की चार सदस्यों की हत्या हुई थी।