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    प्रयागराज से चुनार-चोपन रेलखंड पर अब 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें, यात्रियों का 30 मिनट समय बचेगा

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Thu, 26 Mar 2026 05:59 PM (IST)

    उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के सीपीआरओ के अनुसार प्रयागराज से चुनार-चोपन रेलखंड पर ट्रेनों की रफ्तार अब 100 किमी प्रति घंटा हो गई है, जिससे यात्रियों को ...और पढ़ें

    प्रयागराज-चोपन रेलमार्ग पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ने से अब यात्रा का समय बचेगा।

    प्रयागराज-चोपन रेलमार्ग पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ने से अब यात्रा का समय बचेगा।

    HighLights

    1.  प्रयागराज से चोपन रूट पर पुलों पर लगा प्रतिबंध खत्म

    2. दो पुलों का कायाकल्प से गति प्रतिबंध हटा, यात्रियों की सुविधा

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रयागराज से चुनार के रास्ते चोपन जाने वाली ट्रेनों के सफर में अब यात्रियों को 30 मिनट की बचत होगी। इस रूट पर पुलों पर लगा गति प्रतिबंध खत्म कर दिया है। इससे अब ट्रेन 100 किमी प्रति घंटा की गति से चल सकेंगी।

    यात्रियों का आरामदायक होगा सफर 

    चुनार-चोपन रेलखंड पर स्थित दशकों पुराने दो महत्वपूर्ण पुलों, ब्रिज संख्या 46 और 48 का कायाकल्प पूरा होने के बाद इन पर से ट्रेनों की गति पर लगा पुराना प्रतिबंध हटा लिया गया है। इससे सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को यह होगा कि अब ट्रेनें प्रयागराज से चुनार चोपन पहुंचने में पुलों के पास पहुंचने से पहले अपनी गति को 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक सीमित नहीं करेगी।

    जर्जर पुलों पर ट्रेन स्पीड 30 किमी सीमित थी

    यहां पर वर्ष 1953 में बने इन दोनों पुलों की हालत काफी जर्जर हो चुकी थी, जिसके कारण सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेनों की गति को मात्र 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक सीमित कर दिया गया था। अब नवीनीकरण कार्य संपन्न होने के बाद ट्रेनें इन पुलों के ऊपर से 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज रफ्तार के साथ गुजर सकेंगी।

    ट्रनों के समय पालन में व्यापक होगा सुधार

    इस सुधार से न केवल यात्री ट्रेनों के समय पालन में व्यापक सुधार होगा, बल्कि भारी मालगाड़ियों का परिचालन भी काफी सुगम और तेज हो जाएगा। ब्रिज संख्या 48 के सभी आठ स्पैन बदल दिया गया है। इससे पहले फरवरी 2026 में ब्रिज संख्या 46 के भी छह स्पैनों को बदला गया था।

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    क्या बोले एनसीआर के सीपीआरओ? 

    उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने इस सफलता पर टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि रेल मंत्रालय के 'मिशन रफ्तार' के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को प्रमाणित करती है। अब इस रूट पर ट्रेनों का आवागमन पहले के मुकाबले कहीं अधिक तेज और सुरक्षित होगा।

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