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    UP के कई जिलों में माफिया अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त जमीन होगी कुर्क, इस पर बनेगा गरीबों का आवास

    By Gyanendra Singh Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Mon, 27 Jul 2026 03:20 PM (IST)

    माफिया अतीक अहमद द्वारा अवैध रूप से कब्जा की गई 345 करोड़ रुपये की 34 संपत्तियां कुर्क की जाएंगी। इन मुक्त जमीनों पर गरीबों के लिए आवास, स्वास्थ्य कें ...और पढ़ें

    प्रयागराज, लखनऊ व कौशांबी में माफिया अतीक के जब्त मकान,-प्लाट पर गरीबों का घर बनाने की तैयारी है।

    प्रयागराज, लखनऊ व कौशांबी में माफिया अतीक के जब्त मकान,-प्लाट पर गरीबों का घर बनाने की तैयारी है।

    HighLights

    1. अतीक, अशरफ व शाइस्ता के नाम करा ली गई थी 345 करोड़ की सरकारी जमीन

    2. प्रयागराज, लखनऊ व कौशांबी में माफिया के नाम मकान-प्लाट किया गया है जब्त

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। माफिया अतीक अहमद द्वारा कब्जा की गई सरकारी भूमि अब कुर्क की जाएगी। अवैध रूप से अर्जित की गई माफिया अतीक अहमद, उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन, भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ, उस्मान अहमद व अफरोज अहमद की लगभग 345 करोड़ रुपये की 34 संपत्तियों को पिछले दिनों ही जब्त किया गया था। दो आइएएस, चार पीसीएस तथा एआइजी स्टांप को इन संपत्तियों की निगरानी कराने के लिए नियुक्त किया गया है। इन संपत्तियों में कुछ को पहले कुर्क किया गया था जबकि ज्यादातर की कुर्की नहीं हो सकी थी।

    कहां-कहां हुई जब्तीकरण कार्रवाई?

    झूंसी के हवेलिया में 123.48 करोड़ रुपये के दो भूखंड अतीक के पिता व भाई उस्मान व अफरोज के ना थी। दूसरी जमीन 76 करोड़ रुपये की सदर तहसील के रहिमाबाद, अकबरपुर मिर्जापुर व शाहा उर्फ पीपलगांव की जब्त की गई है, जो अतीक व उसकी पत्नी के नाम थी। लखनऊ के भैसोरा में अतीक के नाम पर 30.60 करोड़ रुपये का भूखंड, वहां के शेरवानी नगर, फैजुल्लागंज में अतीक के नाम का आठ करोड़ रुपये का प्लाट जब्त हुआ है। लखनऊ के विजयंत नगर में चार करोड़ रुपये का भूखंड पर जब्तीकरण कार्यवाही हुई है।

    प्रयागराज में 300 करोड़ की संपत्ति जब्त हुई है

    कौशांबी में चायल के रसूलाबाद उर्फ कोईलहा में अतीक के नाम की 24 करोड़ रुपये की जमीन जब्त हो चुकी है। प्रयागराज में लगभग 300 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हुई है। इन संपत्तियों की निगरानी के लिए डीएम के निर्देश पर गठित निगरानी कमेटी में पीडीए उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त, एडीएम सिटी, एडीएम वित्त एवं राजस्व, मुख्य राजस्व अधिकारी, एसडीएम सदर तथा एआइजी स्टांप को शामिल किया गया है। इन संपत्तियों की रजिस्ट्री को प्रतिबंधित कर दिया गया है।

    गरीबों के आवास, स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे 

    इन संपत्तियों को जनपयोगी बनाते हुए गरीबों के लिए आवासीय योजना विकसित की जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण होगा। स्कूल-कालेज का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से अगले हफ्ते से सर्वे शुरू होगा, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर किस स्थान पर क्या उचित होगा, उसके आधार पर ही आगे की प्रक्रिया शुरू होग।

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    सीएम ने इन संपत्तियों को जनोपयोगी बनाने को कहा था

    पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी निर्देश दिए थे कि माफिया के कब्जे से मुक्त हुईं संपत्तियों को जनोपयोगी बनाईं जाएं। इसके बाद मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने भी सभी डीएम को इस बाबत कदम उठाने को कहा था। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि कब्जा मुक्त कराई गईं संपत्तियों पर जनसुविधा केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र व गरीबों के लिए आवास बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा। 

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