बेसिक शिक्षक भर्ती में बड़ा बदलाव: एकेडमिक मेरिट खत्म, अब देनी होगी 360 नंबरों की लिखित परीक्षा
बेसिक शिक्षा परिषद में शिक्षक भर्तियां अब उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग कराएगा, जिसमें एकेडमिक मेरिट समाप्त कर दी गई है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
शिक्षक भर्ती अब शिक्षा सेवा चयन आयोग कराएगा।
एकेडमिक मेरिट समाप्त, केवल लिखित परीक्षा से चयन।
360 अंकों की परीक्षा में नकारात्मक अंकन भी।
अवधेश पाण्डेय, प्रयागराज। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शिक्षक भर्तियां पहली बार उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग कराएगा। इसके लिए परीक्षा पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।
आयोग ने चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। एकेडमिक मेरिट व्यवस्था खत्म कर दी गई है। लिखित परीक्षा के आधार पर चयन किया जाएगा। परीक्षा में 120 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिसमें 90 प्रश्न पाठ्यक्रम से होंगे, जबकि 30 प्रश्न सामान्य ज्ञान के रहेंगे।
चयन के लिए श्रेष्ठता सूची 360 अंकों की लिखित परीक्षा के आधार पर तैयार की जाएगी। इसके पूर्व यह शिक्षक भर्ती परीक्षा उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) कराता था, जिसमें 150 अंकों की परीक्षा के बाद एकेडमिक अंक के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाती थी।
परीक्षा में 150 प्रश्न पूछे जाते थे और हर प्रश्न के लिए एक अंक निर्धारित थे। अब शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा कराई जाने वाली लिखित परीक्षा में प्रत्येक प्रश्न तीन अंक के होंगे। हर प्रश्न के उत्तर के रूप में चार विकल्प दिए जाएंगे। गलत उत्तर देने पर एक अंक काट लिए जाएंगे।
जल्द तैयार होगा परीक्षा पाठ्यक्रम
अभी बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोग के पोर्टल पर रिक्तियों का विवरण (अधियाचन) नहीं भेजा गया है, लेकिन आयोग परीक्षा तैयारी के लिए प्रतियोगियों को समय देने के उद्देश्य से परीक्षा पाठ्यक्रम जल्द करने की तैयारी में है।
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बेसिक शिक्षा विभाग ने अभी नगर क्षेत्र के विद्यालयों में 11,508 पद रिक्त होने की आफलाइन जानकारी दी है, लेकिन इसे भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए पोर्टल पर अभी ऑनलाइन नहीं भेजा गया है। आयोग भर्ती प्रक्रिया तब शुरू करेगा, जब रिक्तियों का विवरण पोर्टल पर ऑनलाइन प्राप्त हो जाएगा।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में 2018 के बाद से कोई शिक्षक भर्ती नहीं आने के कारण बड़ी संख्या में पद रिक्त होना माना जा रहा है। इस तरह बड़ी शिक्षक भर्ती की संभावना को देखते हुए पाठ्यक्रम जारी किए जाने से प्रतियोगियों को परीक्षा तैयारी के लिए समय मिल सकेगा।