यूपी बोर्ड का बड़ा कदम: अमान्य विद्यालयों पर होगी सख्त कार्रवाई, शिक्षकों की कोचिंग पर भी शिकंजा
यूपी बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर 29,208 संबद्ध विद्यालयों की सूची जारी की है, जिससे अमान्य विद्यालयों की पहचान आसान हो गई है। कार्रवाई की रिपोर्ट 30 अप्र ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद। जागरण
HighLights
यूपी बोर्ड ने 29,208 संबद्ध विद्यालयों की सूची जारी की।
अमान्य विद्यालयों के खिलाफ 18 अप्रैल तक कार्रवाई के निर्देश।
निजी कोचिंग में संलिप्त शिक्षकों की भी होगी जांच।
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने परिषद से संबद्ध 29,208 विद्यालयों की सूची upmsp.edu.in पर अपलोड कर अमान्य विद्यालयों की पहचान सुगम कर दी है। इसके साथ ही बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने सभी डीआइओएस, बीएसए व बीईओ को पत्र लिखकर अमान्य विद्यालयों के विरुद्ध 18 अप्रैल तक सघन अभियान चलाकर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही कहा है कि जांच के दौरान निजी कोचिंग में संलग्न शिक्षकों की भी जांच कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करें। इस कार्रवाई की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
यूपी बोर्ड से संबद्ध प्रदेश भर में संचालित विद्यालयों में 10,295 हाईस्कूल स्तर (कक्षा नौ-10) के हैं, जबकि 18,913 विद्यालय इंटरमीडिएट स्तर तक (कक्षा नौ से 12) के हैं। इसके अलावा संचालित अन्य विद्यालय अमान्य माने जाएंगे।
बोर्ड सचिव ने कहा है कि परिषद की विनियमावली तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत बिना मान्यता प्राप्त किए विद्यालय की स्थापना या संचालन पूर्णतया प्रतिबंधित है। संचालन पर इनके विरुद्ध भारी अर्थदंड व विधिक कार्यवाही का प्रविधान है।
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उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियम अधिनियम 2002 के अनुसार मान्यता प्राप्त विद्यालय में कार्यरत शिक्षक का निजी कोचिंग संस्थान में सेवाएं देना वर्जित है।हाई कोर्ट ने भी एक याचिका पर आदेश दिए हैं कि प्रदेश भर में संचालित अमान्य संस्थानों को चिह्नित किया जाए।
मामले में कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए शासन के नौ जून 2025 के निर्देश पर सभी जिलों में डीआइओएस की अध्यक्षता में समिति गठित है। समिति के माध्यम से अभियान चलाकर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट देने के लिए बोर्ड ने एक प्रारूप भी जारी किया है।
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इसमें जनपदवार संचालित अमान्य विद्यालयों की संख्या, उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई, निजी कोचिंग में संलग्न शिक्षकों की संख्या व उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई का विवरण 30 अप्रैल तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।