यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा लेने 12 परीक्षक नहीं पहुंचे, 1253 परीक्षार्थी प्रभावित, मिलेगा अवसर
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षा दो चरणों में संपन्न हुई, जिसमें 21,74,326 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। पहले चरण में 1355 और दूसरे में 1754 अन ...और पढ़ें

यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा परीक्षकों की अनुपस्थिति के कारण नहीं देने वाले परीक्षार्थियों को बोर्ड अवसर देगा।
HighLights
विभिन्न विषयों में पहले चरण में 1355 तथा दूसरे चरण में 1754 की छूटी परीक्षा
वंचित रह गए परीक्षार्थियों को लिखित परीक्षा के बाद अंतिम अवसर देगा यूपी बोर्ड
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की प्रायोगिक परीक्षा दो चरणों में बढ़ी तिथि के साथ संपन्न हो गई। प्रायोगिक परीक्षा के लिए कुल 21,74,326 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इसमें से प्रथम चरण में 1355 तथा दूसरे चरण में अनुपस्थिति का आंकड़ा 1754 रहा। इसमें असल रूप से परीक्षार्थियों की संख्या इससे कम होगी, क्योंकि एक ही परीक्षार्थी एक से अधिक विषयों में पंजीकृत होते हैं।
इन परीक्षार्थियों को मिलेगा एक अवसर
इसके अलावा प्रथम फेज में चार परीक्षक प्रायोगिक परीक्षा लेने नहीं पहुंचे, जिससे 369 छात्र-छात्राओं की परीक्षा नहीं हो सकी। इसी तरह दूसरे चरण में आठ परीक्षक प्रायोगिक परीक्षा लेने केंद्रों पर नहीं पहुंचे, जिससे 884 छात्र-छात्राओं की परीक्षा नहीं हो सकी। अब इन परीक्षार्थियों को यूपी बोर्ड की लिखित परीक्षा के बाद एक अवसर और दिया जाएगा।
दो चरणों में प्रायोगिक परीक्षा हुई
यूपी बोर्ड ने 24 जनवरी से एक फरवरी तक प्रथम चरण में प्रदेश के 10 मंडलों के सभी जनपदों में प्रायोगिक परीक्षा कराई। कुछ केंद्रों की मांग पर अंतिम तिथि बढ़ाकर चार फरवरी कर दी गई थी। इसी तरह दूसरे चरण में शेष आठ मंडलों के जनपदों में दो फरवरी से नौ फरवरी तक परीक्षा कराई गई।
13 फरवरी को छूटी प्रायोगिक परीक्षा संपन्न
इसके बाद दोनों चरणों में छूटी प्रायोगिक परीक्षा पूर्ण कराने के लिए तिथि विस्तारित कर 13 फरवरी की गई। इस अवधि में परीक्षकों ने केंद्रों पर पहुंचकर प्रायोगिक परीक्षा संपन्न कराई और परीक्षार्थियों को प्रदान किए अंक वेबसाइट पर आनलाइन अपलोड किए।
खबरें और भी
लिखित परीक्षा के बाद होगी प्रयोगात्मक
यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने बताया कि जिन परीक्षार्थियों की प्रायोगिक परीक्षा छूट गई है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की लिखित परीक्षा संपन्न होने के बाद प्रायोगिक परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए एक अवसर पुन: दिया जाएगा। परीक्षा लेने नहीं पहुंचे परीक्षकों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा कि परीक्षा लेने क्यों नहीं पहुंचे।