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    UP Board Exams में बड़ा बदलाव: अब परीक्षार्थियों को नहीं उतारने होंगे जूते-मोजे, नई SOP जारी

    Updated: Sun, 01 Feb 2026 08:14 AM (IST)

    यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए नई एसओपी जारी की गई है। अब परीक्षार्थियों को जूते-मोजे उतारने की आवश्यकता नहीं होगी। इसमें स्टेट ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. परीक्षार्थियों को जूते-मोजे उतारने की अनिवार्यता समाप्त।

    2. परीक्षा संचालन हेतु नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी।

    3. स्टेटिक मजिस्ट्रेट, निरीक्षकों के लिए विस्तृत दिशानिर्देश।

    राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा के सफल संचालन के लिए शासन ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा के दौरान अब किसी भी परीक्षार्थी के जूते-मोजे नहीं उतरवाए जाएंगे। यह भी बताया गया है कि परीक्षा अवधि में स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक, बाह्य केंद्र व्यवस्थापक तथा कक्ष निरीक्षकों को क्या करना है और क्या नहीं करना है।

    इसके अलावा सभी को उनके कार्य दायित्व बताए गए हैं। इस संदर्भ में बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने जिलाधिकारी व एसएसपी/एसपी से समन्वय करके परीक्षा ड्यूटी के लिए नियुक्त सेक्टर मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारियों को जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षकों को दिए हैं।

    जारी निर्देश में बताया गया है कि परीक्षा अवधि में किसी भी व्यक्ति को फोटोग्राफी की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षा के विषय में मीडिया को ब्रीफिंग नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षार्थियों के जूते-मोजे उतरवाकर परीक्षा नहीं कराई जाएगी। इसके अलावा स्टेटिक मजिस्ट्रेट को परीक्षा प्रारंभ होने से एक घंटा पूर्व केंद्र पर पहुंचना है। सीटिंग प्लान को चेक करना जरूरी है तथा 50 प्रतिशत बाह्य परीक्षकों की ड्यूटी अनिवार्य रूप से चेक करना है।

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    प्रश्नपत्रों को स्ट्रांग रूम के डबल लाक अलमारी में रखवाने की जिम्मेदारी भी स्टेटिक मजिस्ट्रेट की होगी। केंद्र व्यवस्थापक व कक्ष निरीक्षकों के लिए भी क्या करें क्या ना करें के रूप में जानकारी जारी की गई है।

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