Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    यूपी बोर्ड भी अब AI का करेगा इस्तेमाल! परीक्षा में गड़बड़ी को रोकेगा; सीधे अधिकारियों के पास पहुंचेगा अलर्ट

    Updated: Fri, 25 Oct 2024 08:37 PM (IST)

    यूपी बोर्ड परीक्षा 2025 में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के उपयोग पर 25 करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव को लेकर यूपी ...और पढ़ें

    यूपी बोर्ड भी अब AI का करेगा इस्तेमाल! - प्रतीकात्मक तस्वीर।
    यूपी बोर्ड भी अब AI का करेगा इस्तेमाल! - प्रतीकात्मक तस्वीर।

    HighLights

    1. सचिव ने विद्यालयों में लगे सीसीटीवी कैमरे आदि का सदुपयोग कर खर्च कम करने का भेजा था प्रस्ताव
    2. हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा-2025 में एआइ के उपयोग के लिए बोर्ड को मिले हैं 25 करोड़ रुपये

    अवधेश पाण्डेय, प्रयागराज। हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2025 में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के उपयोग पर 25 करोड़ रुपये खर्च को देख पीछे हट रहा यूपी बोर्ड अब कम खर्च के अपने प्रस्ताव पर सहमति बन जाने पर तैयार हो गया है। इस मामले पर अगले सप्ताह बैठक होने वाली है, जिसमें हर पहलू पर विचार-विमर्श के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

    मंजूरी मिलने पर यूपी बोर्ड परीक्षा के सभी केंद्रों पर एआइ की व्यवस्था की जाएगी। इस व्यवस्था से परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूम में अनधिकृत रूप से घुसने की कोशिश करने पर यूपी बोर्ड मुख्यालय प्रयागराज और लखनऊ के कमांड कंट्रोल रूम के साथ अधिकारियों के पास अलर्ट संदेश पहुंच जाएगा।

    खर्च 25 करोड़ रुपये का

    प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं को देखते हुए शासन वर्ष 2025 में होने वाली यूपी बोर्ड की परीक्षा में एआइ माध्यम से प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व्यवस्था करने के लिए 25 करोड़ रुपये पहले ही जारी कर चुका है। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में हर वर्ष 25 करोड़ रुपये व्यय को अधिक माना।

    ऐसे में उन्होंने प्रदेश के करीब छह हजार विद्यालयों में लगे इन्फ्रास्ट्रक्टचर यानी सीसीटीवी कैमरे, राउटर, डीवीआर, ब्राडबैंड आदि का विवरण जिला विद्यालय निरीक्षकों से जुटाया। उसके बाद महानिदेशालय को प्रस्ताव भेजा कि यदि विद्यालयों में लगे इन उपकरणों का भी उपयोग करते हुए एआइ व्यवस्था करने वाली कंपनी कम खर्च ले तो इस तकनीक का उपयोग किया जा सकता है।

    खबरें और भी

    रिपोर्ट के बाद  एआइ के उपयोग की तैयारी शुरू

    शासन स्तर पर सरकारी एजेंसी ने बताया कि इन उपकरणों का उपयोग किया जा सकता है। जहां-जहां जो उपकरण गुणवत्ता युक्त नहीं होंगे, उसे कार्यदायी एजेंसी बदल सकेगी। ऐसी स्थिति में खर्च भी कम हो जाएगा। इस रिपोर्ट के बाद बोर्ड परीक्षा में एआइ के उपयोग की तैयारी शुरू कर दी गई है।

    इसके लिए समिति गठित की जाएगी, जिसकी अगले सप्ताह में दीपावली से पहले लखनऊ में बैठक होगी। इसके बाद प्रस्ताव भेजकर शासन से मंजूरी ली जाएगी। एआइ व्यवस्था होने पर प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में सेंध लगाना आसान नहीं रह जाएगा। बोर्ड परीक्षा में 54.38 लाख परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे।

    ये भी पढ़ें - 

    Moradabad News: एक कॉल आई... खाते से कट गए 93 हजार रुपये, मैसेज आते ही हैरत में पड़ गया युवक

    उम्र में 16 साल बड़ा, शादी करना चाहता था... कोई रास्ता नहीं दिखाई दिया तो रिवॉल्वर लेकर पहुंच गया प्रेमिका के घर