यूपी में स्कूल चलो अभियान को झटका: 41823 सरकारी स्कूलों को नहीं मिला एक भी नया छात्र, नोटिस जारी
उत्तर प्रदेश के 41,823 सरकारी स्कूलों में 'स्कूल चलो अभियान' के बाद भी एक भी नया प्रवेश नहीं हुआ। इस गंभीर स्थिति पर महानिदेशक ने संज्ञान लेते हुए संब ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

समय कम है?
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अमलेन्दु त्रिपाठी, प्रयागराज। प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में एक अप्रैल से 15 अप्रैल तक स्कूल चलो अभियान चलाया गया। इस बीच अधिक से अधिक नए विद्यार्थियों के पंजीयन का लक्ष्य रखा गया। यह प्रक्रिया अब भी जारी है, बावजूद इसके 41823 स्कूलों में एक भी नया प्रवेश नहीं हुआ।
पहली कक्षा में शून्य नामांकन वाले स्कूलों की संख्या 25595 है जबकि कक्षा छह में एक भी नया प्रवेश न करपाने वाले स्कूलों की संख्या 16228 है। आंकड़ों पर गौर करें तो प्रदेशभर में करीब 133000 बेसिक स्कूल हैं, इनमें से एक तिहाई विद्यालयों को शैक्षिक सत्र 2026-27 में एक भी नए विद्यार्थी नहीं मिले।
स्कूल शिक्षा महानिदेशक की ओर से समीक्षा के बाद जारी आंकड़े के अनुसार सब से अधिक आगरा में 1136 स्कूल हैं जहां कक्षा एक में कोई नया प्रवेश नहीं हुआ। कक्षा छह की बात करें तो शून्य नामांकन वाले विद्यालयों की संख्या 507 है।
प्रयागराज में कुल 2853 परिषदीय स्कूल हैं। यहां कक्षा एक में शून्य पंजीयन वाले 172 और कक्षा छह में बिना पंजीयन वाले 213 स्कूल हैं। प्रतापगढ़ में यह आंकड़ा 191, 175, कौशांबी में 10, 45, राजधानी लखनऊ में 517, 302, वाराणसी में 66, 141, बरेली में 726, 399, मुरादाबाद में 579, 338, गोरखपुर में 953, 520 है।
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स्कूल शिक्षा महानिदेशक ने समीक्षा के बाद सभी जिलों के बीएसए, खंड शिक्षाधिकारियों को स्थिति सुधारने के लिए निर्देशित किया है। शून्य पंजीयन वाली सूची में देखें तो अंबेडकर नगर में कक्षा एक के 255, कक्षा छह के 208, अमेठी में कक्षा एक वाले 152, कक्षा छह वाले 82, अमरोहा में 395, 242, औरैया में 257, 206, अयोध्या में 342, 244, आजमगढ़ में 940, 615, बहराइच में 945, 361, बांदा में 294, 185, बाराबंकी में 271, 149 स्कूल हैं।
शून्य पंजीयन वाले स्कूलों को नोटिस
प्रेरणा पोर्टल से स्कूलों में नए पंजीयन की समीक्षा की जा रही है। शून्य पंजीयन वाले स्कूलों को नोटिस देकर तीन दिन में लिखित जवाब मांगा गया है। बीएसए अनिल कुमार ने पत्र जारी कर कहा है कि यह स्थिति बता रही है कि विद्यालय के शिक्षण स्टाफ शासन एवं विभाग के निर्देशों का उल्लंघन हो रहा है।
कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के तहत यह दंडनीय है। प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों व अन्य शैक्षणिक स्टाफ को बीईओ के जरिए अपना स्पष्टीकरण देना है।
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