Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    UP में लागू होगा प्रतापगढ़ जिले का डिजिटल रिकाॅर्ड रूम माॅडल, तीन दिन में खसरा-खतौनी की मिलेगी प्रमाणित नकल

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Fri, 15 May 2026 05:16 PM (GMT+05:30)

    प्रतापगढ़ का डिजिटल रिकॉर्ड रूम मॉडल अब पूरे उत्तर प्रदेश में लागू किया जाएगा, जिससे भूस्वामियों को घर बैठे खसरा-खतौनी की प्रमाणित नकल तीन दिनों में म ...और पढ़ें

    यूपी में प्रतापगढ़ के डिजिटल रिकाॅर्ड रूम मॉडल को अपनाया जाएगा।

    यूपी में प्रतापगढ़ के डिजिटल रिकाॅर्ड रूम मॉडल को अपनाया जाएगा।

    HighLights

    1. मुख्य सचिव व राजस्व परिषद अध्यक्ष ने कार्ययोजना बनाने को कहा

    2. राजस्व परिषद अपना खुद का साफ्टवेयर विकसित करने जा रहा है

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रतापगढ़ जिले का डिजिटल रिकाॅर्ड रूम माॅडल अब प्रदेश भर में लागू होगा। इसके लिए मुख्य सचिव और राजस्व परिषद के अध्यक्ष की ओर से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व परिषद तो अपना साफ्टवेयर भी विकसित करने जा रहा है।

    मंडलायुक्त ने प्रजेंटेशन दिया था 

    मंडलायुक्त प्रयागराज सौम्या अग्रवाल ने हाल ही में मुख्य सचिव और राजस्व परिषद के अध्यक्ष को प्रतापगढ़ के डिजिटल रिकाॅर्ड रूम का प्रजेंटेशन दिया था। इसके बाद ही प्रदेश भर में इस माॅडल को लागू करने की कवायद शुरू हुई है। भूलेख वेबसाइट पर सब कुछ उपलब्ध है मगर अभिलेखागार का आनलाइन मुआयना की व्यवस्था नहीं है।

    प्रतापगढ़ प्रदेश का पहला डिजिटल जिला बना 

    प्रयागराज मंडल का प्रतापगढ़ राजस्व अभिलेखागार के शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन के साथ प्रदेश का पहला 'डिजिटल जिला' बन गया है। यहां 2229 गांवों के राजस्व रिकार्ड आनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे भूस्वामी खतौनी और खसरा का मुआयना घर बैठे कर सकते हैं तथा मात्र तीन दिनों में प्रमाणित नकल पा सकते हैं।

    जमीन विवाद कम, रिकार्ड सुरक्षित होंगे

    राजस्व रिकार्ड के लिए उत्तर प्रदेश के भूलेख पोर्टल का उपयोग कर डिजिटल रिकार्ड को सत्यापित करने के बाद प्रमाणित नकल अधिकतम तीन दिनों में प्राप्त की जा सकती है। इसका लाभ जमीन के विवादों कम करने, रिकार्ड को सुरक्षित रखने और पारदर्शिता बढ़ाने में मिलेगा।

    खबरें और भी

    भूस्वामी घर पर ही मोबाइल पर मुआयना कर सकेंगे 

    अभी अभिलेखागार में मुआयना के लिए हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता है। तारीख मिलने पर मुआयना होता है फिर प्रमाणित नकल के लिए काफी समय लग जाता है। अभिलेखों के डिजिटल होने के बाद जनपद का पोर्टल होगा, जिससे भूस्वामी घर पर ही मोबाइल अथवा कंप्यूटर या लैपटाप पर मुआयना कर सकते हैं।

    इससे प्रदेश भर को लाभ मिलेगा

    पोर्टल पर सत्यापित नकल के लिए आवेदन होगा। फिर तीन दिन में उसे प्राप्त कर सकते हैं। मंडलायुक्त ने बताया कि प्रतापगढ़ जनपद की पहल शीघ्र ही प्रदेश भर को लाभ देगी। हर जिले में अभिलेखागार को डिजिटल किया जाएगा, जिसके लिए मुख्य सचिव और राजस्व परिषद के अध्यक्ष ने सहमति दे दी है।

    प्रतापगढ़ में ऐसे मिल रही प्रमाणित नकल

    अभिलेखों के डिजिटाइजेशन के बाद डिजिटल रिकार्ड देखने के लिए सरकार की आधिकारिक वेबसाइट upbhulekh.gov.in पर जाना होगा। होम पेज पर 'खतौनी की प्रति देखने' या 'खसरा-खतौनी' विकल्प चुनना पड़ेगा। अपना जिला, तहसील और गांव का विकल्प भरना होगा। फिर खसरा नंबर, खाता संख्या या नाम के माध्यम से रिकार्ड खोजना होगा। प्रतापगढ़ के लोग इसी तरह कर रहे हैं। वह pratapgarhror.in पर जाकर भी सीधे अपने भू-अभिलेखों का मुआयना करते हैं। अन्य जिलों में यही लागू होगा।

    यह भी पढ़ें- भर्तियों को पटरी पर लाने में जुटा उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग, नई शिक्षक भर्ती के लिए भी तैयार; अभ्यर्थियों में जगाई भरोसे की लौ

    यह भी पढ़ें- UP में बेहतर शिक्षण के अग्रदूत बने ARP स्कूलों से दूर, विद्यार्थी कैसे बनेंगे निपुण? जिम्मेदार दायित्यों के प्रति उदासीन