UP शिक्षक भर्ती में बड़ा बदलाव, शिक्षा सेवा चयन आयोग की भर्तियों में प्रतीक्षा सूची व्यवस्था समाप्त
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अब एडेड माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षक भर्ती कराएगा। भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए प्रतीक्षा ...और पढ़ें

उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग की शिक्षक भर्तियों में प्रतीक्षा सूची व्यवस्था खत्म कर दी गई हे।
HighLights
एडेड माध्यमिक एवं महाविद्यालय की भर्तियों में जारी की जाती थी 25 प्रतिशत तक प्रतीक्षा सूची
वर्ष भर में भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के बाद अगले वर्ष की भर्ती प्रक्रिया की ओर बढ़ेगा आयोग
अवधेश पाण्डेय, जागरण, प्रयागराज।अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों एवं एडेड महाविद्यालयों के लिए नई शिक्षक भर्तियां पहली बार उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग कराएगा। इसके पहले माध्यमिक के लिए शिक्षक भर्ती परीक्षाएं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और एडेड महाविद्यालयों के लिए उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग कराता था। दोनों भर्ती संस्थान अंतिम चयन परिणाम के साथ पद के सापेक्ष 10 से 25 प्रतिशत तक अवशेष पैनल (प्रतीक्षा सूची) हर भर्ती में जारी करते थे।
...ताकि भर्ती पूरी होने में विलंब न हो
ऐसे में मूल चयन सूची के जितने अभ्यर्थी कार्यभार नहीं ग्रहण करते थे, उन रिक्त स्थानों पर अवशेष पैनल से अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाती थी। इससे भर्ती प्रक्रिया पूरी होने में समय लगता था। अब शिक्षा सेवा चयन आयोग नई भर्तियों में अवशेष पैनल जारी नहीं करेगा और वर्ष भर में भर्ती प्रक्रिया पूरी कराएगा, ताकि भर्ती पूरी होने में विलंब न हो।
हजारों पदों की रिक्तियों का विवरण आयोग को मिला
शिक्षा सेवा चयन आयोग ने नियमावली में यह व्यवस्था की है। आयोग को एडेड महाविद्यालयों के लिए प्राचार्य के 111 तथा असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 2107 पदों की रिक्तियों का विवरण (अधियाचन) मिल चुका है। इसी तरह एडेड माध्यमिक के प्रधानाचार्य के 1475 तथा प्रधानाध्यापक के 1172 पदों पर भर्ती के लिए पोर्टल पर अधियाचन प्राप्त हो चुका है।
भर्ती के लिए जल्द ऑनलाइन अधियाचन भेजा जाएगा
इसके अलावा प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) एवं प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) के पदों पर भर्ती के लिए शिक्षा निदेशालय की ओर से जल्द ऑनलाइन अधियाचन आयोग को भेजा जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने इन दोनों संवर्ग में करीब 20,000 पदों का अधियाचन जनपदों से मंगाने के बाद परीक्षण कर अनुमति के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक को भेजा है। इस तरह आयोग इन पदों पर नई नियमावली के तहत भर्ती कराएगा और नई नियमावली में अवशेष पैनल जारी करने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।
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उप्र लोक सेवा आयोग भी यही व्यवस्था
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग भी ऐसा ही करता है। इस तरह मूल चयन सूची के चयनित अभ्यर्थियों द्वारा किन्हीं कारणों से कार्यभार ग्रहण न करने से रिक्त हुए पद को अगली भर्ती के लिए अग्रसारित (अग्रेनीत) कर दिया जाएगा।