Vindhya Expressway : विंध्य एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित एलाइनमेंट में फंसा पेच, UPEIDA नए सिरे से सर्वे के बाद करेगा संशोधन
Vindhya Expressway विंध्य एक्सप्रेसवे का प्रस्तावित एलाइनमेंट सरकारी भवनों, आबादी और अन्य बाधाओं के कारण बदला जा सकता है। यूपीडा अब नए सिरे से सर्वे क ...और पढ़ें

Vindhya Expressway विंध्य एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित एलाइनमेंट में बदलाव होगा, यूपीडा फिर से सर्वे करेगा।
HighLights
कई सरकारी भवनों, नदी, पानी की टंकियों एवं महत्वपूर्ण मार्गों के होने के चलते प्रस्ताव वापस
हंडिया, फूलपुर और सोरांव के 73 गांवों में 210 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण का बना था प्रस्ताव
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। Vindhya Expressway विंध्य एक्सप्रेसवे का प्रस्तावित एलाइनमेंट बदल सकता है। इसमें अब संशोधन की संभावना जताई जा रही है। दरअसल, प्रस्तावित एलाइनमेंट में कई सरकारी भवनों, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल-कालेज, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, पानी की टंकियों, नदी-नालों, तालाबों व महत्वपूर्ण मार्गों के चलते विशेष भूअध्याप्ति अधिकारी कार्यालय की ओर से यूपीडा को प्रस्ताव को वापस कर दिया गया है। कुछ स्थानों पर तो आबादी भी प्रभावित हो रही है। अब यूपीडा नए सिरे से विंध्य एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट के लिए सर्वे करेगा, जिसके बाद आगे की कार्यवाही होगी।
प्रयागराज के 73 गांवों से एलाइनमेंट सर्वे हुआ था
Vindhya Expressway इस एक्सप्रेसवे के लिए यूपीडा यानी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से प्रयागराज के 73 गांवों से एलाइनमेंट का सर्वे किया था, जिसमें हंडिया के 26, फूलपुर के 24 और सोरांव 23 गांव शामिल हैं। इन गांवों में लगभग 210 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण के लिए सर्वे हुआ है, जिसकी रिपोर्ट यूपीडा ने विशेष भूअध्याप्ति अधिकारी कार्यालय को दिया था।
1500 किसानों की भूमि प्रभावित होने का अनुमान
कार्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों ने विभागीय स्तर पर सत्यापन कराया तो कई अड़चनें सामने आ गईं। लगभग 22400 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महात्वाकांक्षी परियोजना में 1500 किसानों की भूमि इसमें प्रभावित होने का अनुमान है। इसमें सबसे ज्यादा हंडिया तहसील क्षेत्र की जमीन जाएगी। हंडिया में लगभग 78, फूलपुर में करीब 68 और सोरांव में लगभग 64 हेक्टेयर भूमि लेने का प्रस्ताव बना है।
फिर सर्वे में कुछ गांव बाहर, कुछ बढ़ सकते हैं
तीनों तहसीलों के लेखपालों, राजस्व निरीक्षकों की सत्यापन रिपोर्ट में आई अड़चनों के बाद यह फैसला लिया गया है कि यूपीडा एलाइनमेंट के लिए फिर से सर्वे करे, जिसके बाद आगे की कार्यवाही हो सके। अब कुछ गांव बाहर हो सकते हैं तो कुछ गांव बढ़ सकते हैं।
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आमजन के हितों को प्राथमिकता
Vindhya Expressway विशेष भूअध्याप्ति अधिकारी (एसएलओ) संजीव कुमार शाक्य ने बताया कि आमजन के साथ ही किसानों और पर्यावरणीय हितों को देखते हुए यूपीडा को एलाइनमेंट तय करने को कहा गया है। इसके बाद ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।