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    बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए लिडार तकनीक से शुरु होगा सर्वे, रायबरेली के 60 गांवों से होकर गुजरेगी Train

    Updated: Mon, 02 Feb 2026 05:08 PM (GMT+05:30)

    केंद्रीय बजट में जिक्र के बाद दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन परियोजना को गति मिल रही है। नेशनल हाई-स्पीड रेल कार्पोरेशन लिमिटेड ने विस्तृत परियोजना रिपोर् ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, रायबरेली। जिले से केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री के जिक्र करते ही अब भारत सरकार की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना को गति मिलेगी। नेशनल हाई-स्पीड रेल कार्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कारिडोर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी । इस दिशा में जमीन के सटीक सर्वेक्षण के लिए अत्याधुनिक लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग (लिडार) तकनीक का उपयोग किया जाएगा।

    अधिकारियों के अनुसार, लिडार तकनीक से हवाई सर्वेक्षण के जरिए ज़मीन की ऊंचाई-निचाई, संरचनाएं, वनस्पति और अन्य भू-आकृतिक विशेषताओं की सटीक जानकारी प्राप्त होती है, जिससे डीपीआर को और सटीक बनाया जा सकेगा। यह तकनीक हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट्स में अपनाई जा रही है, जिससे निर्माण की योजना और डिजाइन में तेज़ी व पारदर्शिता आ सके।

    हाई-स्पीड रेल नेटवर्क में से एक

    दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कारिडोर देश के आठ प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल नेटवर्क में से एक है। लगभग 865 किलोमीटर लंबे इस कारिडोर का रूट दिल्ली से शुरू होकर मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही होते हुए वाराणसी तक जाएगा। इस परियोजना के तहत रायबरेली के 60 गांवों से होकर बुलेट ट्रेन जाएगी।

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    इन गांवों को चिंहित किया गया है। इस हाई-स्पीड कारिडोर के बन जाने से दिल्ली से वाराणसी तक की यात्रा महज चार से साढ़े चार घंटे में पूरी की जा सकेगी, जो वर्तमान में ट्रेन या सड़क मार्ग से आठ से दस घंटे में तय होती है। इससे न केवल पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रदेश के कई जिलों में रोजगार और निवेश के नए अवसर भी बनेंगे।

    चार तहसील के इन गांवों को किया गया चिह्नित

    महराजगंज तहसील के सरौरा, चुरवा, इसिया, नीम टीकर, टोडरपुर, बछरावां, बन्नावां, कंदावा, खैरहनी। सदर तहसील के जोहवाशर्की, दतौली, कनहट, प्यारेपुर, हिडइन, हिलालगंज, गुलूपुर, अजमतउल्लागंज, अरिवार, ढोंढरी, सानिकमऊ, देदौर, दरीबा, रसूलपुरगुंडा, चंदौली, नकफलहा, विनोहरा, फकरूलहसनखेड़ा, मछेछर, सैदनपुर, सुलखियापुर, खनुआ, बेलाभेला, उदरहटी, एकौना,चकवलिहार, ऊंचाहार तहसील के हरदीटीकर, चंदौली, धर्मदासपुर, सरायश्रीबख्स, केवलपुर, बरेठा, मोहनपुर, गोपियापुर, जगतपुर, धोबहा, जिगना, रोझइया, भीखमशाह रोझइया गोकुलपुर, इटौराबुजुर्ग, सलारपुर, मिर्जापुर ऐहारी, नंदौरामाफी, डिडौली, छतौनामरियानी, रघुनापुरलबेदवा, उमरन, भवानीदीपुर, कमालपुर, लक्ष्मणगंज, बछइयापुर, मरहाममऊ, रसूलपुर व सलोन तहसील के मिरजहापुर, कमालपुर, डोमापुर, कोदारी आदि गांव शामिल हैं।

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    स्पीड रेल कार्पोरेशन लिमिटेड की टीम ने क्षेत्रीय राजस्व टीम के साथ सर्वे शुरू 2016-17 में किया गया था। लेकिन उसके बाद सर्वे का कार्य का कार्य कुछ कारणों से रोका गया था। बजट में उसकी घोषणा होने पर अब लिडार तकनीक से सर्वे रिपोर्ट राजस्व विभाग के साथ मिलकर तैयार की जाएगी। इसके बाद पूर्ण करने के बाद रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में कुछ महीने लगेंगे, जिसके बाद भूमि अधिग्रहण, डिजाइन और निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। जिन्होंने बताया कि ये बुलेट ट्रेन 350 किलोमीटर प्रति घंट से भी अधिक स्पीड से चलाई जाएगी। - सुनील कुमार वर्मा , मंडल रेल प्रबंधक ,लखनऊ