ट्रांसफर के बाद भी 'मलाईदार' सीट पर जमे थे दारोगा, 67 पेड़ों के कटान ने खोल दी पोल; अब हुए निलंबित
रामपुर के स्वार क्षेत्र में 67 आम के पेड़ अवैध रूप से काटे जाने के मामले में वन दारोगा कुलवीर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से वन विभाग ...और पढ़ें

कटे आम के पेड़ों की नापतोल करते वनकर्मी और इनसेट में निलंबित वन दारोगा कुलवीर सिंह
HighLights
वन संरक्षक के निर्देश पर डीएफओ ने की कार्रवाई, वन विभाग में मची खलबली
संवाद सहयोगी, स्वार (रामपुर)। कोतवाली क्षेत्र के गांव इमरताराय स्थित राणा फैक्ट्री के पास बिना अनुमति आम के हरे-भरे बाग को काटे जाने के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। वन संरक्षक के निर्देश पर डीएफओ प्रणव जैन ने स्वार-मिलकखानम क्षेत्र के वन दारोगा कुलवीर सिंह को निलंबित कर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। कार्रवाई के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।
बताया जा रहा है कि गांव इमरताराय में स्थित आम के बाग में लकड़ी तस्करों ने रातोंरात आरा चलाकर करीब 67 हरे-भरे आम के पेड़ों को काट दिया। देखते ही देखते पूरा बाग साफ कर दिया गया। मामले की जानकारी होने पर क्षेत्र में हड़कंप मच गया और किसानों में भारी रोष फैल गया।
घटना की सूचना मिलने पर डीएफओ, एसडीओ ओमप्रकाश राम तथा वन रेंजर रमाकांत सक्सेना मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच पड़ताल की। अधिकारियों ने पेड़ों के कटान को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी थी। लापरवाही सामने आने पर वन दारोगा कुलवीर सिंह पर कार्रवाई की गई।
पीड़ित किसान ने भी अपने खेत से चोरी-छिपे आम के पेड़ काटे जाने की तहरीर पुलिस को दी थी। वहीं वन विभाग की ओर से भी पुलिस को अलग से शिकायत दी गई, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी बनी हुई है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध लकड़ी कटान का कारोबार चल रहा है। तस्कर रात के अंधेरे में पेड़ों पर आरा चला रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर अवैध कटान पर रोक लगाने की मांग की है।
डीएफओ ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर वन दारोगा को निलंबित कर दिया गया है और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जा रही है। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानांतरण के बाद भी जमे थे आरोपित दारोगा
आम के बाग में बिना अनुमति बड़े पैमाने पर पेड़ों के कटान के मामले में निलंबित किए गए वन दारोगा कुलवीर सिंह को लेकर अब कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार करीब दो माह पूर्व ही उन्हें स्वार क्षेत्र से हटाकर जिला मुख्यालय अटैच कर दिया गया था।
मगर इसके बावजूद वह स्वार की जिम्मेदारी छोड़ने को तैयार नहीं थे। चर्चा है कि वन दारोगा को कुछ सफेदपोश नेताओं का संरक्षण प्राप्त था, जिसके चलते वह मलाईदार मानी जाने वाली स्वार-मिलकखानम सीट पर लगातार बने रहे। विभागीय आदेश के बाद भी क्षेत्र में उनकी सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई थी।