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    विदेश में नौकरी और मोटी कमाई का लालच: फर्जी विज्ञापनों के जाल में फंस रहे युवा, गंवा रहे लाखों रुपये

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 11:18 PM (GMT+05:30)

    बिलासपुर के युवा विदेश में नौकरी और मोटी कमाई के लालच में धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं, जहां कंसल्टेंसी लाखों रुपये ठग रही हैं। पुलिस कार्रवाई अक्सर ज ...और पढ़ें

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    1. अधिकांश मामलों में विवेचना तक सीमित पुलिस कार्रवाई

    संवाद सहयोगी, बिलासपुर (रामपुर)। विदेश में नौकरी, मोटी कमाई और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर युवाओं से लाखों रुपये की ठगी का कारोबार क्षेत्र में तेजी से फैल रहा है। नगर और आसपास क्षेत्र में संचालित कई कंसल्टेंसी आकर्षक विज्ञापनों के जरिए युवाओं को अपने जाल में फंसा रही हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में सामने आए कई मामलों में पीड़ितों से लाखों रुपये लेने के साथ फर्जीवाड़ा किया गया।

    हैदराबाद निवासी पार्थ मिश्रा ने कृपा ओवरसीज के संचालक तरविंद्र सिंह समेत चार लोगों पर फिजी में नौकरी दिलाने के नाम पर 17.27 लाख रुपये की ठगी की प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। दो युवकों को फिजी भेजा भी गया था, लेकिन दस्तावेजों में खामियों के चलते उन्हें 14 दिन के भीतर भारत वापस भेज दिया गया था।

    गांव गोविंदपुरा कचनाल निवासी मान सिंह ने अपने भांजे को अमेरिका भेजने के नाम पर 20 लाख रुपये लेने का आरोप अमित गौड़ व अन्य पर लगाया। एसपी के आदेश पर आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसी तरह यूके से डिपोर्ट होकर लौटे अरुण कुमार ने विदेश भेजने के नाम पर रुद्रपुर के एक एजेंट को 15 लाख रुपये दिए थे।

    फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसे इंग्लैंड भेज दिया गया, जहां जांच में दस्तावेज फर्जी मिलने पर उन्हें भारत वापस भेज दिया गया। दिल्ली एयरपोर्ट पर उनके खिलाफ जीरो एफआईआर भी दर्ज हुई। गांव लालानागला निवासी सुलतान ने आजाद ओवरसीज के संचालकों पर 15 लाख रुपये लेकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए विदेश भेजने का आरोप लगाया।

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    वहीं केमरी क्षेत्र निवासी राशिद हुसैन ने कनाडा में नौकरी दिलाने के नाम पर 5.50 लाख रुपये की ठगी और फर्जी चेक देने का आरोप लगाते हुए चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई। पीड़ितों का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई अधिकांश मामलों में विवेचना तक ही सीमित रही है।

    आरोपित खुलेआम घूम रहे हैं और नाम या कारोबार बदलकर दोबारा लोगों को ठगने लगते हैं। पीड़ितों का कहना है कि सख्त कार्रवाई के अभाव में ऐसे गिरोहों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं। प्रभारी निरीक्षक जीत सिंह के अनुसार तहसील क्षेत्र में करीब 23 कंसल्टेंसी पंजीकृत संचालित हैं। समय-समय पर उनकी जांच कराई जाती है।

    विदेश भेजने के नाम पर बढ़ते धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए संदिग्ध कंसल्टेंसी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि कई मामलों में आवश्यक जानकारी के लिए संबंधित देशों की एंबेसी को पत्र भेजे गए हैं। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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