कुल्हड़ का कमाल: ₹7.5 लाख के लोन से शुरू किया बिजनेस, अब हर महीने हो रही ₹1.5 लाख की तगड़ी कमाई
मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत 7.5 लाख रुपये के ऋण से भूरा हुसैन ने कुल्हड़ निर्माण इकाई स्थापित की। अब वे हर महीने 1.5 लाख रुपये कमाते हैं औ ...और पढ़ें

'मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना' के अन्तर्गत लगाए गए कुल्हड़ का प्लांट दिखाते भूरा हुसैन। सौजन्य सूचना विभाग
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मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत लगी इकाई ने बदली तकदीर
जागरण संवाददाता, रामपुर। कभी पारंपरिक तरीके से सीमित स्तर पर कुल्हड़ बनाने वाले बड़ा गांव चौराहा के भूरा हुसैन सरकारी योजना की मदद से सफल उद्यमी बन हर महीने 1.5 लाख की कमाई कर रहे हैं। प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत 7.5 लाख रुपये के बैंक ऋण ने उनकी किस्मत बदल दी।
उनकी आधुनिक यूनिट में रोजाना आठ से 10 हजार कुल्हड़ तैयार हो रहे हैं, जिससे हर महीने एक से डेढ़ लाख रुपये तक की आमदनी हो रही है। उन्होंने अपने गांव के 18 लोगों को भी रोजगार देकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है।
भूरा हुसैन बताते हैं कि उन्हें इस योजना की जानकारी खादी ग्रामोद्योग (पुनर्वास) से जुड़े मित्रों से मिली। उनकी सलाह पर उन्होंने एक आधुनिक कुल्हड़ निर्माण यूनिट को देखा और उससे प्रेरित होकर वर्ष 2024 में योजना के तहत आवेदन किया। कुछ ही समय बाद उनका 7.5 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हो गया और बड़ा गांव चौराहे पर उन्होंने अपनी यूनिट स्थापित कर दी।
अब उनकी फैक्ट्री में कुल्हड़ बनाने की 10 आधुनिक मशीनें और एक बड़ी टनल भट्टी लगी हुई है। मशीनों की मदद से प्रतिदिन आठ से 10 हजार कुल्हड़ तैयार किए जाते हैं। गर्मियों में लस्सी के बड़े कुल्हड़ों की मांग रहती है, जबकि सर्दियों में चाय के छोटे कुल्हड़ों की बिक्री बढ़ जाती है।
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भूरा की सफलता केवल उनकी आय तक सीमित नहीं है। उनकी यूनिट में कारीगरों, पैकिंग कर्मचारियों और अन्य श्रमिकों सहित 17 से 18 लोगों को नियमित रोजगार मिला है। इससे कई परिवारों की आजीविका भी मजबूत हुई है।
भूरा हुसैन ने बताया कि योजना के तहत उन्हें नजीबाबाद में आठ से 10 दिन का विशेष प्रशिक्षण भी मिला। जिसमें आधुनिक उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता सुधार, लागत नियंत्रण और बाजार की मांग के अनुसार उत्पाद तैयार करने की जानकारी पाकर आज उसका लाभ उठा रहे हैं।